Raksha bandhan 2022: राखी बांधते समय बहनें जरूर पढ़े ये मंत्र, भाई से दूर रहेगी हर बधाएं

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 30, 2022, 11:40 AM IST

Raksha bandhan: भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक माना जाने वाला पर्व रक्षाबंधन इस बार 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा। भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधते समय यदि बहन विशेष मंत्र का जाप करती हैं तो इससे भाई पर आने वाली हर सकंट टल जाती है।

Raksha bandhan 2022: राखी बांधते समय बहनें जरूर पढ़े ये मंत्र, भाई से दूर रहेगी हर बधाएं

Raksha bandhan 2022 Mantra: सावन माह के पूर्णिमा तिथि को हर साल रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन गुरुवार 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन हिदूं धर्म का ऐसा पर्व है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती है और उसके लंबे उम्र की कामना करती है। रक्षाबंधन पर बांधा जाने वाला रक्षासूत्र भाई-बहन के रिश्ते में भावनात्मक जुड़ाव और मजबूती प्रदान करता है। यही कारण है कि इस पर्व का काफी महत्व होता है।

लेकिन शास्त्रों में रक्षाबंधन मनाने और भाई की कलाई पर राखी बांधने से जुड़े कई नियम के बारे में बताए गए हैं। जिसके अनुसार राखी हमेशा शुभ मुहूर्त और और सही दिशा में ही बांधनी चाहिए। भद्रा या अशुभ मुहूर्त में भूलकर भी राखी नहीं बांधती चाहिए। जानते हैं रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधते हुए किन नियमों का करना चाहिए पालन।

  • सावन पूर्णिमा आरंभ- गुरुवार 11 अगस्त सुबह 10:38 से
  • सावन पूर्णिमा समाप्त- शुक्रवार 12 अगस्त सुबह 05:00 तक
  • उदयातिथि के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त- गुरुवार 11 अगस्त सुबह 09:28 से रात  09:14 तक है।

राखी बांधते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • उत्तर पश्चिम दिशा में नहीं बांधनी चाहिए राखी
  • शास्त्रों के अनुसार, भद्राकाल में नहीं बंधवानी चाहिए राखी
  • प्लास्टिक और अशुभ चिह्नों वाली राखी न बांधे
  • काले रंग की राखी भी नहीं बांधनी चाहिए। आप लाल, पीले, सफेद और हरे रंग की राखी बांध सकते हैं।
  • बहन से राखी बंधवाते समय भाई अपने सिर पर कोई कपड़ा या रुमाल जरूर रखे।

राखी बांधते समय जरूर पढ़ें ये मंत्र
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल।। इससे भाई की विशेष कामनाओं की सिद्धि होती है। येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वां रक्षबन्धामि रक्षे मा चल मा चल ।। अगर आप अपने गुरु को राखी बांध रहे हैं या गुरु शिष्य को राखी बांधते हैं, तो रक्षा सूत्र उपरोक्त मंत्र है।

(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।) 

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