Navratri 2021 Day 9, Maa Siddhidatri Aarti: नवरात्रि के आख‍िरी द‍िन करें सिद्धिदात्री माता पूजन, जानें पूजा मंत्र और आरती ल‍िर‍िक्‍स हिंदी में

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 14, 2021, 10:02 AM IST

Navratri 2021 Day 9, Maa Siddhidatri Aarti Lyrics In Hindi: महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। देखें उनकी पूजा के मंत्र और आरती।

Navratri 2021 Day 9, Maa Siddhidatri Aarti: नवरात्रि के आख‍िरी द‍िन करें सिद्धिदात्री माता पूजन, जानें पूजा मंत्र और आरती ल‍िर‍िक्‍स हिंदी में

Navratri 2021 Day 9, Maa Siddhidatri Aarti Lyrics In Hindi: नवरात्रि का महानवमी व्रत इस बार 14 अक्टूबर को रखा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार महानवमी की पूजा-अर्चना करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि भक्त उस दिन माता की पूजा सच्चे मन से करें, तो देवी प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं को शीघ्र पूर्ण कर देती हैं। शास्त्रों के अनुसार मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही भगवान शंकर का आधा शरीर देवी का हुआ था। इसी स्वरूप के कारण उन्हें अर्धनरेश्वरी भी कहा जाता है। 

इस दिन भक्त माता की पूजा करने के बाद कन्या भोजन कराते हैं। सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कन्या भोजन कराने से मां उस पूजा को तुरंत जल्दी ग्रहण कर लेती है। महानवमी को मां दुर्गा का अंतिम स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन नवरात्रि के अनुष्ठान का समापन हो जाता है। यहां देखें मां की आरती और मंत्र। 

Maa Siddhidatri Puja Mantra, मां सिद्धिदात्री पूजा मंत्र

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि,
सेव्यमाना सदा भूयात सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।

ओम सिद्धिदात्र्यै नम:।

विद्या: समस्तास्तव देवि भेदा:
स्त्रिय: समस्ता: सकला जगत्सु।
त्वयैकया पूरकिम्बयैतत्
का ते स्तुति: स्तव्यपरा परोक्ति:।।


सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्ति प्रदायिनी।
त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तय:।।

नन्दगोप गृहे जाता योशोदा-गर्भ-सम्भवा।
ततस्तौ नाशयिष्यामि, विन्ध्याचल निवासिनी।।

या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

Maa Siddhidatri Aarti in hindi, मां सिद्धिदात्री आरती ल‍िखित में 

जय सिद्धिदात्री मां, तू भक्तों की दाता।

तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता।

तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि।

कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।

जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।

तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।

तू जगदम्बे दाती तू सर्व सिद्धि है।

रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।

तू सब काज उसके करती है पूरे।

कभी काम उसके रहे ना अधूरे।

तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।

रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया।

सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।

जो हैं तेरे दर का ही अंबे सवाली।

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।

महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।

भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता।

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