Gayatri Mantra Jap Vidhi Benefits: ऊँ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्। हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र का बहुत महत्व होता है। गायत्री मंत्र को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। गायत्री मंत्र का जाप पूरी विधि विधान से करना चाहिए। इस मंत्र का जाप स्पष्ट उच्चारण के साथ करना चाहिए। गलत जाप के उच्चारण से व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष के मुताबिक गायत्री मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, रोजगार में परेशानी व समस्या दूर हो जाती है। इस मंत्र के जाप से कई फायदे मिलते है। इस मंत्र का प्रभाव व्यक्ति के जीवन व स्वास्थ्य दोनों में पड़ता है। इस मंत्र का जाप करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए अन्यथा इसका उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं गायत्री मंत्र का जाप करने की सही विधि व नियम...
पीले कपड़े पहन कर करें जाप
ज्योतिष के अनुसार गायत्री मंत्र का जाप सूर्योदय से थोड़ी देर पहले शुरू करें। दोपहर के समय में भी गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है। गायत्री मंत्र का जाप करने के लिए पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। यह शुभ माना जाता है।
108 बार करें जाप
गायत्री मंत्र के आगे-पीछे श्री का संपुट लगाकर जाप करें। इसका 108 बार जाप करने से अच्छे फल की प्राप्ति होती है। इसका मंत्र करने के लिए रुद्राक्ष की माला के साथ करना चाहिए। रुद्राक्ष की माला शुभ माना जाता है। इस माला के साथ ही जाप करने से मनोवांछित फल मिलता है। इसके साथ ही गायत्री मंत्र का जाप मौन ही रखना चाहिए।
नहीं करना चाहिए ऐसे भोजन का सेवन
गायत्री मंत्र का जाप करने से पहले इस बात का ध्यान जरूर देना चाहिए कि इसे करने से पहले खानपान शुद्ध होना चाहिए व पवित्र होना चाहिए। गायत्री मंत्र का जाप करने वाले लोगों को मांसाहारी भोजन नहीं करना चाहिए। न ही शराब का सेवन करना चाहिए। ऐसा करना शुभ माना जाता है और इसका बुरा असर हमारे जीवन में पड़ता है।
गायत्री मंत्र से होता है व्यक्ति रोगों से मुक्ति
मान्यता है कि गायत्री मंत्र का जाप करने से सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है। इसका मंत्र करने से घर में सुख समृद्धि आती है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा भी घर में बनी रहती है। इस मंत्र के जाप के बाद पात्र में भरे जल का सेवन करें। ऐसा करने से रोग से छुटकारा मिल जाएगा।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

