Hanuman Puja: बजरंग बली हनुमान जी की पूजा करते वक्त महिलाओं को जरूर ध्यान देनी चाहिए ये बातें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 31, 2022, 05:12 PM IST

Rule For Women For Worship Of Hanuman: पवनसुत हनुमान जी की पूजा करने से सभी संकट व कष्ट दूर हो जाते हैं इसलिए उन्हें संकट मोचन के नाम से भी जाना जाता है। हनुमान जी की पूजा करने की विधि सबसे आसान है, लेकिन महिलाओं को उनकी पूजा करते वक्त कुछ विशेष बातों का ध्यान देना जरूरी है।

Hanuman Puja: बजरंग बली हनुमान जी की पूजा करते वक्त महिलाओं को जरूर ध्यान देनी चाहिए ये बातें

Worship Of Hanuman by Women: हिंदू धर्म में पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि उनकी पूजा से सभी कष्ट बाधाएं दूर हो जाती हैं। हनुमान जी को संकटों को हरने वाले देवता भी कहा जाता है। मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है और इस दिन नियमों से पूजा पाठ करने से सारी मनोकामना पूरी होती हैं। हनुमान जी की पूजा में महिलाओं के लिए कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य माना गया है। ऐसा इसीलिए क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी और महायोगी हैं और उन्होंने सभी महिलाओं को माता का दर्जा दिया है। इसीलिए महिलाओं को हनुमान जी की पूजा करते वक्त कुछ विशेष बातों का ध्यान जरूर देना चाहिए। आइए जानते हैं किन महत्वपूर्ण बातों का महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए...

महिलाओं को नहीं रखना चाहिए हनुमान जी का व्रत

पवन पुत्र हनुमान जी की पूजा पुरुष और महिला दोनों कर सकते हैं, लेकिन हनुमान जी का व्रत महिलाओं को नहीं रखना चाहिए। महिलाओं को हर महीने मासिक धर्म होता है जिस वजह से यह व्रत महिलाओं के लिए नहीं होता है।

महिलाओं को नहीं करना चाहिए चरण स्पर्श

इसके अलावा महिलाओं को हनुमान जी के चरण या अन्य जगह स्पर्श नहीं करना चाहिए, क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी है और ऐसे में उन्होंने हर महिला को माता का दर्जा दिया है। इसके अलावा महिलाओं को हनुमानजी पर कभी भी सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए।

महिलाओं को बजरंगबाण का पाठ नहीं करना चाहिए

महिलाओं को बजरंगबाढ़ का पाठ नहीं करना चाहिए। हिंदू शास्त्रों में ऐसा करना अशुभ माना गया है। इसके अलावा महिलाओं को हनुमान जी को कभी वस्त्र, जनेऊ या कोई भी चीज अर्पित नहीं करना चाहिए।

हनुमान जी का प्रसाद बनाते समय इस बात का ध्यान दें

महिलाएं हनुमान जी का प्रसाद बना सकती हैं। उन्हें हलवा व पूरी अर्पित भी कर सकती हैं, लेकिन ऐसा करते वक्त वे मासिक धर्म से न गुजर रही हों इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।) 

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