Ahoi Ashtami 2022 Star Rise Time Highlights: अहोई अष्टमी पर देर से निकलेगा चंद्रमा, जानें चंद्रोदय का सही समय
Ahoi Ashtami 2022 Star Rise Time Highlights: अहोई अष्टमी पर देर से निकलेगा चंद्रमा, जानें चंद्रोदय का सही समय
Ahoi Ashatami Vrat Katha In Hindi
अहोई अष्टमी की व्रत विधि (Ahoi Ashtami Vrat Vidhi)
अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त 2022 (Ahoi Ashtami Puja Muhurat 2022): अहोई अष्टमी व्रत इस बार 17 अक्टूबर को रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से शाम 7 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। तारों को देखने का समय शाम 6 बजकर 11 मिनट का बताया जा रहा है। चन्द्रोदय समय रात 11 बजकर 21 मिनट का है।
Ahoi Mata Ki Aarti
अहोई अष्टमी की पूजा विधि, व्रत नियम, शुभ मुहूर्त, महत्व और सभी जरूरी बातें जानने के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।
इन चीजों से करें व्रत का पारण
तारों को दिया जाता है अर्घ्य
अहोई मां के साथ रखें साही की तस्वीर
अहोई अष्टमी पर चांद निकलने का समय
Ahoi Ashtami Vrat Me Kya Khaye अहोई अष्टमी व्रत में क्या खायें
अहोई अष्टमी पर ऐसे करें तारों की पूजा
- सूर्यास्त के बाद तारे निकलने पर पूजा आरंभ करें।
- पूजा सामग्री में चांदी या सफेद धातु की अहोई और जल से भरा कलश होना चाहिए।
- साथ ही दूध, भात, हलवा, फूल, फल और दीप आदि भी होना चाहिए।
- सबसे पहले अहोई माता को रोली और पुष्प अर्पित करें। फिर माता के सामने दीपक जलाएं और पूजा आरंभ करें।
- अहोई माता को दूध और भात अर्पित करें।
- फिर हाथ में गेहूं के सात दाने और कुछ दक्षिणा लेकर अहोई माता की कथा सुनें।
- इसके बाद ये गेहूं के दाने और दक्षिणा अपनी सास या घर की किसी बड़ी महिला को देकर उनका आशीर्वाद लें।
- फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करें।
Star Rise Time Today Ahoi Ashtami: अहोई अष्टमी पर तारों को देखने का समय
अहोई माता को किस चीज का लगाएं भोग
Ahoi Ashtami Drawing अहोई अष्टमी का चित्र
अहोई अष्टमी 2022 के उपाय
- अगर संतान की शिक्षा, रोजगार व करियर में कोई बाधा आ रही हो तो अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता को दूध भात और लाल फूल अर्पित करें।
- इसके बाद लाल पुष्प हाथ में लेकर संतान के अच्छे भविष्य के लिए प्रार्थना करें। फिर वह पुष्प अपनी संतान को संभालने के लिए दें।
- अपने हाथों से अपनी संतान को दूध भात खिलाएं।
Star Rise Time And Moon Rise Time Today Ahoi Ashtami 2022
अहोई अष्टमी पूजा विधि: Ahoi Ashtami 2022 Puja Vidhi
- अहोई माता की आकृति दीवार पर बनाएं या बाजार से अहोई माता का बना बनाया चित्र भी ला सकते हैं।
- सूर्यास्त के बाद तारे निकलने पर पूजा आरंभ करें।
- पूजा सामग्री में चांदी या सफेद धातु की अहोई और जल से भरा कलश होना चाहिए।
- साथ ही दूध, भात, हलवा, फूल, फल और दीप आदि भी होना चाहिए।
- सबसे पहले अहोई माता को रोली और पुष्प अर्पित करें। फिर माता के सामने दीपक जलाएं और पूजा आरंभ करें।
- अहोई माता को दूध और भात अर्पित करें।
- फिर हाथ में गेहूं के सात दाने और कुछ दक्षिणा लेकर अहोई माता की कथा सुनें।
- इसके बाद ये गेहूं के दाने और दक्षिणा अपनी सास या घर की किसी बड़ी महिला को देकर उनका आशीर्वाद लें।
- फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करें।
Star Rise Time Today Ahoi Ashtami 2022: तारों के निकलने का समय
अहोई माता की आरती (Ahoi Mata Ki Aarti)
जय अहोई माता, जय अहोई माता!
तुमको निसदिन ध्यावत हर विष्णु विधाता। टेक।।
ब्राहमणी, रुद्राणी, कमला तू ही है जगमाता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता।। जय।।
माता रूप निरंजन सुख-सम्पत्ति दाता।।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता।। जय।।
तू ही पाताल बसंती, तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता।। जय।।
जिस घर थारो वासा वाहि में गुण आता।।
कर न सके सोई कर ले मन नहीं धड़काता।। जय।।
तुम बिन सुख न होवे न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता।। जय।।
शुभ गुण सुंदर युक्ता क्षीर निधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू कोई नहीं पाता।। जय।।
श्री अहोई माँ की आरती जो कोई गाता।
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता।। जय।।
Ganesh Aarti Lyrics: गणेश जी की आरती
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अहोई अष्टमी व्रत की पूजा सामग्री Ahoi Ashtami 2022 Puja Samagri
शिव योग के बाद बन रहे हैं ये शुभ योग
सर्वार्थ सिद्धि योग: 18 अक्टूबर को प्रात: 05:13 से प्रात: 06:23 तक
