अध्यात्म

आज कौन सा रोजा है, रोज कब से कबतक रखा जाता है, 22 फरवरी के दिन रोजा कब तक रहेगा

Aaj Kaun Sa Roza Hai: माह-ए-रमजान का पाक महीना गुरुवार 20 फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है। अकीदमंद अल्लाह की इबादत में पूरी शिद्दत के साथ लगे हैं, ऐसे में आप यहां से जानिए कि आज 22 फरवरी को कौन सा रोजा रखा जा रहा है।

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आज कौन सा रोजा है, 22 फरवरी के दिन रोजा कब तक रहेगा (pc: canva)

Aaj Kaun Sa Roza Hai: रमजान इस्लाम का एक मुकद्दस और बरकतों भरा महीना है, जिसे पूरी दुनिया के मुसलमान बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ मनाते हैं। इस महीने में रोजा रखा जाता है, पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है और ज्यादा से ज्यादा इबादत की जाती है। माना जाता है कि इसी महीने में पाक किताब क़ुरआन नाजिल हुई। रमजान हमें सब्र, तकवा, रहमत और गुनाहों से तौबा का पैगाम देता है। ये महीना अल्लाह की रजा हासिल करने, अपने दिल को साफ करने और जरूरतमंदों की मदद करने का बेहतरीन मौका होता है। रमजान की शुरुआत तो हो चुकी है, लेकिन आज रोजे का कौन सा दिन है और रोजा कर से कबतक रखा जाएगा, ये आप यहां से जान सकते हैं।

आज कौन सा रोजा है?

इस साल रमज़ान 1447 AH का चौथा रोज़ा 22 फरवरी 2026 (रविवार) से रखा जा रहा है। आज 22 फरवरी 2026 को चौथा रोज़ा है।

रोजा कब से कबतक रखा जाता है?

रोजा सेहरी से इफ्तार तक रखा जाता है। फज्र की नमाज़ से पहले तक खाया-पिया जा सकता है, जिसे सेहरी कहते हैं। फज्र (सुबह की अज़ान) के साथ रोजा शुरू हो जाता है। फिर सूरज ढलते ही (मगरिब की अज़ान पर) रोज़ा खोला जाता है।

शहर अनुसार आज के सहरी और इफ्तार का टाइम-

  • दिल्ली- सुबह 05:35 से शाम 6:17
  • मुंबई - सुबह 05:50 से शाम 6:42
  • बेंगलुरु- सुबह 05:28 से शाम 6:28
  • चेन्नई - सुबह 05:18 से शाम 6:17
  • कोलकाता- सुबह 04:49 से शाम 5:37
  • श्रीनगर- सुबह 05:45 बजे से शाम 6:21
  • लखनऊ- सुबह 05:19 से शाम 6:03
  • हैदराबाद- सुबह 05:27 बजे से शाम 6:21
  • पटना- सुबह 05:02 बजे से शाम 5:48
  • रांची- सुबह 05:02 बजे से शाम 5:50
  • अहमदाबाद- सुबह 05:52 बजे से शाम 6:40 बजे
  • नागपुर- सुबह 05:21 बजे बजे से शाम 6:20 बजे

चौथे रोजा का महत्व

22 फरवरी 2026 को रोजेदार चौथा रोजा पूरा करेंगे, जिसे इस्लाम में नेकी का छाता कहा जाता है। ये ऐसा छाता (कवच) होता है जो रोजेदारों की हिफाजत करता है। लेकिन यह छाता रोजेदारों की हिफाजत तभी करेगा जब रोजेदार शरई तरीके यानी पूरे नियमा के अनुसार से रोजा रखेंगे और इसका पालन करेंगे। पवित्र कुरान के 19वें पारे की सूरत अलमुरसिलात की 41वीं/ 42वीं आयत में कहा गया है कि, ‘इन्नाल मुत्तक़ीना फ़ी ज़िलालिवं व अयूनिवं व फवाकिहा मिम्मा यशतहन’। यानी बेशक संयमी और सत्कर्मी छांव में, चश्मों में होंगे और मेवों में होंगे जो उनको मरगूब (पसंद) होंगे। इसलिए रोजेदार रोजा रखने और खोलने के लिए सही समय पर सहरी और इफ्तार करें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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