Aaj Ka Panchang 7 December 2024 (आज का पंचांग 7 दिसंबर 2024): मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर धनिष्ठा नक्षत्र 04:51pm तक रहेगा। इसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इसके कारण पंचक भी लग जाएगा। आज के दिन 11:52 am से 12:33 pm तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ होगा। शनिवार के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 09 बजे से 10:30बजे तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 7 December 2024 (आज का पंचांग 7 दिसंबर 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष,पर्व -साप्ताहिक शनिवार व्रत
तिथि-खष्ठी 11:05am तक फिर सप्तमी
दिवस -शनिवार
सूर्योदय-07:01am
सूर्यास्त-05:24pm
नक्षत्र-धनिष्ठा 04:51pm तक फिर शतभिषा
चन्द्र राशि -कुम्भ,स्वामी -शनि
सूर्य राशि-वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल
करण-तैतिल 11:09 am तक फिर गरज
योग-व्याघात 08:50 am तक तत्पश्चात हर्षण
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:52 am से 12:33 pm तक2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक
3गोधुली मुहूर्त-06:21pm से 07:25pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:08am तक
5अमृत काल-06:09am से 07:40am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:23तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:06pm तक
दिशा शूल-पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-प्रातःकाल 09 बजे से 10:30बजे तकक्या करें-आज परम पवित्र शुभ मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की खष्ठी तिथि दिवस शनिवार है। आज व्रत रहें।आज हनुमान जी की उपासना तिथि होती है,विध्न नाशक बजरंगबली जी संकट विनाशक हैं।आज शिवलिंग पर जलाभिषेक भी करें। इस माह निरंतर ॐ नमः शिवाय मंत्र का मानसिक जप करें। इस माह भगवान शिव की सगुण व निर्गुण दोनों उपासना अवश्य करें।शनिवार का व्रत बहुत ही पुण्यदायी है। मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण की विधिवत उपासना होती है,भगवान कृष्ण के नाम का जप करें। आज व्रत करने से कष्ट नष्ट होते हैं,पुण्य की प्राप्ति होती है ।आज तिल व छाया दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। शनिवार का उपवास फलाहारी होता है। आज शनि के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है। पीपल को जल दें। सायंकाल पीपल के नीचे दीपक जलाएं। शनिवार को सुन्दरकाण्ड का पाठ अवश्य करें।
क्या न करें-शनि न्याय का कारक ग्रह है।किसी के साथ अन्याय मत करें।
