अध्यात्म

आज का पंचांग (29 November 2025): आज किस समय पर करें कोई शुभ कार्य, पंचांग से जानिए 29 नवंबर के दिन का शुभ और अशुभ काल का समय

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग (29 November 2025): शुभ काल में किए गए कार्य के सफल होने की संभावनाएं प्रबल होती हैं। वहीं, अशुभ काल में अगर आप किसी कार्य को शुरू करते हैं तो उसकी सफलता की गारंटी नहीं होती है। आइए पंचांग से जानते हैं कि आज के दिन का शुभ और अशुभ काल का समय क्या है।

Image

29 नवंबर का पंचांग

आज का पंचांग (29 November 2025): 29 नवंबर 2025, शनिवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 30 नवंबर सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र लगेगा। योग हर्षण सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। करण बालव सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक और कौलव रात 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। आज पूरे दिन पंचक रहेगा । सौभाग्य से आज रवि योग पूरे दिन रहेगा, जो यह अत्यंत शुभ योग है।

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

सूर्य आज सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 1 बजकर 18 मिनट पर उदय होगा और 30 नवंबर सुबह 1 बजकर 32 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 29 मिनट और रात की अवधि 13 घंटे 31 मिनट 46 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा।

तिथि, नक्षत्र, योग और करण

शुक्ल नवमी रात 11:15 बजे तक, फिर शुक्ल दशमी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद 30 नवंबर सुबह 2:22 बजे तक रहेगा, फिर उत्तर भाद्रपद। पूर्व भाद्रपद का पहला पाद सुबह 8 बजकर 47 मिनट तक और दूसरा पाद दोपहर 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगा।

चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर

विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 14 है।

राशि और नक्षत्र

चंद्रमा शाम 8 बजकर 33 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा, फिर मीन राशि में चला जाएगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में 30 नवंबर सुबह 2 बजकर 22 मिनट तक रहेगा, फिर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

ऋतु और अयन

ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। सर्दी अब अपने चरम पर है।

29 नवंबर का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:07 से 6:01 बजे तक (ध्यान-जप के लिए सर्वोत्तम)
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:34 से 6:55 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:30 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:36 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:21 से 5:48 बजे तक
  • सायाह्न संध्या: शाम 5:24 से 6:45 बजे तक
  • अमृत काल: शाम 6:31 से 8:05 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 30 नवंबर सुबह 12:37 बजे तक
  • रवि योग: पूरे दिन (हर कार्य के लिए शुभ)

29 नवंबर का अशुभ समय

  • राहुकाल: सुबह 9:32 से 10:51 बजे तक (नए कार्य न करें)
  • यमगण्ड: दोपहर 1:28 से 2:47 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 6:55 से 8:14 बजे तक
  • विडाल योग: सुबह 6:55 से 30 नवंबर सुबह 2:22 बजे तक
  • वर्ज्य: सुबह 9:06 से 10:40 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 6:55 से 7:37 बजे तक और 7:37 से 8:19 बजे तक
  • बाण: रज – सुबह 10:30 बजे से पूरी रात
  • पंचक: पूरे दिन (शुभ कार्य वर्जित)

आनंदादि और तमिल योग

आनंदादि योग में कालदण्ड 30 नवंबर सुबह 2:22 तक, फिर धूम्र और मरण रहेगा। तमिल योग में मरण 30 नवंबर सुबह 2:22 तक रहेगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में दो नेत्र रहेगा।

निवास और शूल

होमाहुति शुक्र को (30 नवंबर सुबह 2:22 तक), फिर शनि को दी जाएगी। दिशा शूल पूर्व दिशा में है – पूर्व की यात्रा टालें। नक्षत्र शूल 30 नवंबर सुबह 2:22 तक दक्षिण में रहेगा। अग्निवास रात 11:15 तक आकाश में फिर पाताल में, चंद्र वास शाम 8:33 तक पश्चिम फिर उत्तर में रहेगा। राहु वास पूर्व, शिववास रात 11:15 तक गौरी के साथ फिर सभा में रहेगा। कुंभ चक्र 30 नवंबर सुबह 2:22 तक दक्षिण में फिर पश्चिम में रहेगा।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

End of Article