Aaj Ka Panchng (आज का पंचांग) 26 October 2026 Panchang: 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी। इसके बाद कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। पूर्णिमा तिथि के दौरान स्नान और दान का विशेष महत्व रहेगा। शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में खीर रखने और रात्रि पूजा का समय 25 अक्टूबर की रात ही बीत चुका है। आज के पंचांग में स्नान-दान, तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय की जानकारी देखें।
आज का पंचांग
दिन: सोमवार
तिथि: आश्विन शुक्ल पूर्णिमा सुबह 9:41 बजे तक, इसके बाद कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा
पक्ष: सुबह 9:41 बजे तक शुक्ल पक्ष, इसके बाद कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
शक संवत: 1948, पराभव
गुजराती संवत: 2082, पिंगल
अमांत मास: आश्विन
पूर्णिमांत मास: आश्विन
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
26 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:29 बजे और सूर्यास्त शाम 5:41 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 5:39 बजे होगा। आज चंद्रमा का अस्त समय उपलब्ध नहीं है। दिन की अवधि 11 घंटे 12 मिनट 19 सेकंड और रात की अवधि 12 घंटे 48 मिनट 21 सेकंड रहेगी। मध्याह्न का समय दोपहर 12:05 बजे है।
पूर्णिमा तिथि और स्नान-दान का महत्व
आज सुबह 9:41 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र नदी में स्नान और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व है। जो लोग नदी में स्नान करने नहीं जा सकते, वे घर पर स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, फल या धन का दान करें। दान करते समय जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता को प्राथमिकता दें।
ध्यान रखें कि शरद पूर्णिमा की रात खीर चांदनी में रखने और रात्रि पूजन का समय 25 अक्टूबर की रात था। 26 अक्टूबर की सुबह पूर्णिमा तिथि समाप्त होने से पहले स्नान-दान किया जा सकता है।
नक्षत्र, योग और करण
आज सुबह से शाम 5:41 बजे तक अश्विनी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र शुरू होगा। सुबह से दोपहर 2:17 बजे तक वज्र योग रहेगा, फिर सिद्धि योग शुरू होगा। करण में सुबह 9:41 बजे तक बव करण, इसके बाद रात 8:23 बजे तक बालव करण और फिर कौलव करण रहेगा।
चंद्रमा और सूर्य की स्थिति
आज चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में रहेगा। सूर्य तुला राशि में स्थित रहेगा। सूर्य का नक्षत्र स्वाति है और इसका पहला चरण रहेगा। सोमवार होने के कारण शिव पूजा और शिव मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
ऋतु और अयन
द्रिक गणना के अनुसार हेमंत ऋतु और वैदिक गणना के अनुसार शरद ऋतु रहेगी। सूर्य दक्षिणायन में रहेगा।
26 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:46 बजे से 5:38 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:12 बजे से 6:29 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:57 बजे से 2:42 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:41 बजे से 6:07 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:41 बजे से 6:58 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 10:59 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:40 बजे से 27 अक्टूबर को रात 12:31 बजे तक
26 अक्टूबर के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 7:53 बजे से 9:17 बजे तक
- यमगंड: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:29 बजे से 2:53 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:27 बजे से 1:12 बजे तक और दोपहर 2:42 बजे से 3:27 बजे तक
- वर्ज्य काल: दोपहर 1:58 बजे से 3:27 बजे तक
- वर्ज्य काल: 27 अक्टूबर को रात 2:28 बजे से सुबह 3:56 बजे तक
- गंडमूल: सुबह 6:29 बजे से शाम 5:41 बजे तक
- आडल योग: शाम 5:41 बजे से 27 अक्टूबर की सुबह 6:29 बजे तक
आनंदादि योग और अन्य पंचांग विवरण
आनंदादि योग में शाम 5:41 बजे तक राक्षस योग और इसके बाद चर योग रहेगा। तमिल योग में शाम 5:41 बजे तक मरण योग और इसके बाद सिद्ध योग रहेगा। जीवम् पूरे दिन रहेगा और नेत्र दो रहेंगे। होमाहुति चंद्रमा की है। दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचा जाता है। अग्निवास सुबह 9:41 बजे तक पाताल में और इसके बाद पृथ्वी पर रहेगा। चंद्र दिशा पूर्व रहेगी और राहु दिशा उत्तर-पश्चिम होगी। शिववास सुबह 9:41 बजे तक श्मशान में और इसके बाद गौरी के साथ रहेगा। कुंभ चक्र उत्तर दिशा में रहेगा।
