अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 25 May 2025: पंचांग से जानिए आज कब से कब तक रहेगा राहुकाल, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, जानिए शुभ संयोग

Aaj Ka Panchang 25 May 2025: आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। चंद्र देव मेष राशि में तो सूर्य देव वृषभ राशि में विराजमान हैं। जानिए आज पूजा के शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे।

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aaj ka panchang 25 may 2025

Aaj Ka Panchang 25 May 2025: आज ज्येष्ठ रविवार का महाव्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। संतान प्राप्ति व संतान के उन्नति के लिए यह सूर्य व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। श्री आदित्यह्र्दयस्तोत्र का 03 बार पाठ करें। ज्येष्ठ माह बहुत गर्मी का माह होता है। आज दान -पुण्य करें। गायत्री मंत्र का जप करें। गर्मी में गुड़, जल सहित थर्मस या घड़ा व सप्त अन्न का दान करना बहुत फलित होता है। मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। घर की छत पर विहंगों को दाना -पानी दें। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा, पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। आज श्री अरण्यकाण्ड का पाठ करें। सूर्य नारायण की उपासना से कष्ट समाप्त होता है। गायत्री व सूर्य के बीज मंत्र का जप करें। यह व्रत फलाहार व एकदम नियम पूर्वक रहें। आज मीठा व जल का दान -पुण्य अनन्त गुना फ़लदायी होता है। बालक, वृद्ध व रोगी व्रत से बचें व केवल पूजा पाठ करें। आज पिता का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। पिता का आशीर्वाद बहुत आवश्यक है। ब्रम्ह मुहूर्त में श्री रामरक्षास्तोत्र का पाठ करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। जानिए आज का पूरा पंचांग।

25 मई 2025 का पंचांग (25 May 2025 Panchang)

संवत- विक्रम संवत 2082

माह-ज्येष्ठ,कृष्ण पक्ष

तिथि - चतुर्दशी

पर्व- रविवार व्रत।

दिवस -रविवार

सूर्योदय- 05:09 am

सूर्यास्त-7:08pm

नक्षत्र- अश्वनी

चन्द्र राशि - मेष

सूर्य राशि- वृष

करण-- तैतिल

योग- सौभाग्य

25 मई 2025 शुभ मुहूर्त (25 May 2025 Shubh Muhurat)

अभिजीत-11:53 am से 12:43 pm

विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:26pm से 07:27pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:09am तक

अमृत काल-06:02am से 07:42am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:41से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:20pm से 07:08pm तक

दिशा शूल- पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 04 बजे से 05:30 बजे तक

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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