आज का पंचांग (17 January 2026): माघ माह की शनि चतुर्दशी आज, जानिए 17 जनवरी को किस समय पर करें कोई शुभ कार्य
- Authored by: सुजीत जी महाराजEdited by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 16, 2026, 08:05 PM IST
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 17 January 2026 (शनिवार, माघ माह कृष्ण पक्ष चतुर्दशी): पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल के बारे में आसानी से जान सकते हैं। आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि हैंं, आज के दिन प्रदोष व्रत का पारण करें। आइए जानते हैं कि आज के दिन का शुभ और अशुभ काल क्या है?
17 जनवरी का पंचांग
आज का पंचांग 17 January 2026 (शनिवार, माघ माह कृष्ण पक्ष चतुर्दशी): आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी रात 12 बजकर 3 मिनट (18 जनवरी) तक रहेगी, फिर माघ अमावस्या लग जाएगी। नक्षत्र मूल 17 जनवरी सुबह 8 बजकर 12 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाषाढा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा धनु राशि में है। योग व्याघात शाम 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। करण विष्टि सुबह 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। आज शनि चतुर्दशी है – हनुमान जी की उपासना करें।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 48 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 18 जनवरी सुबह 6 बजकर 59 मिनट पर उदय होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 33 मिनट 3 सेकंड और रात की 13 घंटे 26 मिनट 45 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
कृष्ण चतुर्दशी देर रात 12:03 तक, फिर कृष्ण माघ की अमावस्या शुरू हो जाएगी। नक्षत्र मूल सुबह 8:12 तक, फिर पूर्वाषाढा लगेगा। करण विष्टि सुबह 11:15 तक तक रहेगा। इसके बाद शकुनि लग जाएगा।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास माघ (पूर्णिमांत), पौष (अमान्त)। प्रविष्टे/गते 4।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन उत्तरायण।
17 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:54 से 7:15 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:52 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:17 से 2:59 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:45 से 6:12 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:48 से 7:09 बजे तक
- अमृत काल: 18 जनवरी सुबह 5:01 से 6:45 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 18 जनवरी रात 12:04 बजे से सुबह 12:58 तक
17 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 9:53 से 11:12 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 1:50 से 3:10 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:15 से 8:34 बजे तक
- विडाल योग: 18 जनवरी सुबह 7:15 से 8:12 बजे तक
- वर्ज्य: शाम 6:37 से 8:21 बजे तक और सुबह 7:57 से 8:39 बजे तक (18 जनवरी)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 7:15 से 7:57 बजे तक
- गंड मूल: सुबह 7:15 से 8:12 बजे तक
- भद्रा: सुबह 7:15 से 11:15 बजे तक
- बाण: अग्नि – शाम 1:53 तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में गद सुबह 8:12 तक। तमिल योग में मरण सुबह 8:12 तक। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में नेत्रहीन।
निवास और शूल
होमाहुति केतु को (18 जनवरी सुबह 7:15 तक)। दिशा शूल पूर्व दिशा में – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास आकाश में। नक्षत्र शूल 18 जनवरी सुबह 7:15 तक पूर्व में, फिर पाताल में। चंद्र वास पूर्व में। शिववास श्मशान में (18 जनवरी सुबह 7:15 तक), फिर गौरी के साथ। राहु वास पूर्व, कुंभ चक्र कण्ठ में।
आज मूल नक्षत्र और चंद्रमा धनु में होने से ज्ञान, साहस और धार्मिक उन्नति में सफलता मिलेगी। शनिवार होने से शनि देव को तेल चढ़ाएं, हनुमान चालीसा पढ़ें और काले तिल दान करें। सारे कार्य सिद्ध होंगे।