अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 17 August 2024: शनि प्रदोष व्रत के दिन क्या होगा पूजा का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय, यहां पढ़ें पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 17 August 2024: शनि प्रदोष व्रत के सूर्योदय सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर होगा। आज के दिन 11:50 तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग।

Image

Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 17 August 2024: सावन महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन सूर्योदय 05:43 तक रहेगा। आज के दिन करण बालव 08;05am तक फिर कौलव योग रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 52 मिनट से लेकर 12 बजकर 42 मिनट पर रहेगा। शनिवार के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से 12 बजे तक रहेगा। आइए जानते हैं अब पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 17 August 2024 (आज का पंचांग 17 अगस्त 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-श्रावण ,शुक्ल पक्ष

तिथि--द्वादशी08;09 am तक फिर त्रयोदशी

व्रत व पर्व- श्रावण शनि त्रयोदशी व्रत

दिवस-शनिवार

सूर्योदय-05:43am

सूर्यास्त-07:01pm

नक्षत्र- पूर्वाषाढ़ा11:50am फिर उत्तराषाढ़ा

चन्द्र राशि- धनु,स्वामीग्रह-बृहस्पति

सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य

करण- बालव 08;05am तक फिर कौलव

योग: प्रीति 11am तक फिर आयुष्मान

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-11:52am से 12:42 pm

2विजय मुहूर्त-02:20pm से 03:25 pm तक

3गोधुली मुहूर्त--06:21pm से 07:26 pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:06am से 07;55am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:53 से 12:43 तक रात

संध्या पूजन-06:20 pm से 07:20pm तक

दिशा शूल -पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से 12 बजे तक

क्या करें-आज श्रावण माह का एकादशी का पारण दिवस है। त्रयोदशी है। भगवान शिव जी की उपासना करें। शिव भक्ति प्राप्ति का व्रत रहें।आज शनि त्रयोदशी है। शनि जनित कष्ट का उपाय भी करें। श्रावण माह का उपवास अनवरत करें।सत्य पर ध्यान दें। शिवपुराण कहें या श्रवण करें। आज गन्ने के रस से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें। घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें। श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ करें।शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें। अन्न व फलों का दान करे। शिव मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज मीठे जल से रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। मधु से रुद्राभिषेक करने से धन,सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में तीर्थ करें। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर पूजन करें। घर मे पारद का शिवलिंग लाकर उनकी उपासना व जलाभिषेक से भगवान शिव की अनन्य भक्ति प्राप्त होगी। धार्मिक पुस्तकों का दान करें।

क्या न करें-किसी के साथ अन्याय मत करें

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article