1 दिसंबर का पंचांग
आज का पंचांग (1 December 2025): 1 दिसंबर 2025 दिन सोमवार आज मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी रात 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, फिर द्वादशी शुरू हो जाएगी। नक्षत्र रेवती रात 11 बजकर 18 मिनट तक रहेगा, फिर अश्विनी लगेगा।
चंद्रमा मीन राशि में रात 11:18 तक रहेगा, उसके बाद मेष में प्रवेश करेगा। योग व्यतीपात 2 दिसंबर सुबह सुबह 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। आज दिन भर गण्डमूल रहेगा और सुबह 6:56 से रात 11:18 तक पंचक भी रहेगा – इसलिए कोई भी नया शुभ कार्य न करें।
सूर्य सुबह 6 बजकर 56 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 2 बजकर 22 मिनट पर उदय होगा और 2 दिसंबर सुबह 3 बजकर 42 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 27 मिनट 22 सेकंड और रात की 13 घंटे 33 मिनट 23 सेकंड रहेगी।
शुक्ल एकादशी रात 7:01 बजे तक, फिर शुक्ल द्वादशी। नक्षत्र रेवती रात 11:18 बजे तक, फिर अश्विनी। करण वणिज सुबह 8:20 तक, फिर विष्टि रात 7:01 तक।
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में), प्रविष्टे/गते 16।
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक), अयन दक्षिणायन।
आनंदादि योग में मातंग रात 11:18 तक, फिर राक्षस। तमिल योग में अमृत रात 11:18 तक, फिर मरण। जीवनम में पूर्ण जीवन, नेत्रम में दो नेत्र।
होमाहुति शनि को। दिशा शूल पूर्व दिशा में है – पूर्व की यात्रा टालें। अग्निवास शाम 7:01 तक पाताल में, फिर पृथ्वी में। चंद्र वास रात 11:18 तक उत्तर में, फिर पूर्व में। राहु वास उत्तर-पश्चिम, शिववास शाम 7:01 तक क्रीड़ा में, फिर कैलाश पर। कुंभ चक्र पश्चिम में।