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Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव के 108 नामों का करें जाप, जानें पूजा विधि और धार्मिक महत्व

Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव के 108 नामों का जाप करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मन को शांति और भावनात्मक संतुलन मिलता है। पढ़ें चंद्रदेव के 108 नाम, जाप की विधि और पूजा का महत्व।

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शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव का नाम जाप (Photo - AI)

Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा की रात हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ दिखाई देता है और उसकी चांदनी को अमृत के समान माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना गया है। यही वजह है कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा और उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन चंद्रदेव के 108 नामों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव के 108 नामों के जाप का महत्व और पूजा की सही विधि।

शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव के 108 नामों के जाप का महत्व

हिंदू धर्म और ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि चंद्रदेव की उपासना करने से मन की चंचलता कम होती है और व्यक्ति को भावनात्मक स्थिरता प्राप्त होती है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की पूजा, ध्यान और मंत्र जाप को विशेष फलदायी माना जाता है। चंद्रदेव के 108 नामों का जाप करते समय व्यक्ति अपना ध्यान मंत्रों और उनकी ध्वनि पर केंद्रित करता है। नियमित रूप से शांत वातावरण में मंत्र जाप या ध्यान करने से तनाव संभालने और मन को स्थिर करने में मदद मिल सकती है।

चंद्रदेव के 108 नाम

  1. ॐ श्रीमते नमः
  2. ॐ शशधराय नमः
  3. ॐ चन्द्राय नमः
  4. ॐ ताराधीशाय नमः
  5. ॐ निशाकराय नमः
  6. ॐ सुखनिधये नमः
  7. ॐ सदाराध्याय नमः
  8. ॐ सतपतये नमः
  9. ॐ साधुपूजिताय नमः
  10. ॐ जितेन्द्रियाय नमः
  11. ॐ जयोद्योगाय नमः
  12. ॐ ज्योतिश्चक्रप्रवर्तकाय नमः
  13. ॐ विकर्तनानुजाय नमः
  14. ॐ वीराय नमः
  15. ॐ विश्वेशाय नमः
  16. ॐ विदुषां पतये नमः
  17. ॐ दोषाकराय नमः
  18. ॐ दुष्टदूराय नमः
  19. ॐ पुष्टिमते नमः
  20. ॐ शिष्टपालकाय नमः
  21. ॐ अष्टमूर्तिप्रियाय नमः
  22. ॐ अनन्ताय नमः
  23. ॐ कष्टदारुकुठारकाय नमः
  24. ॐ स्वप्रकाशाय नमः
  25. ॐ प्रकाशात्मने नमः
  26. ॐ द्युचराय नमः
  27. ॐ देवभोजनाय नमः
  28. ॐ कलाधराय नमः
  29. ॐ कालहेतवे नमः
  30. ॐ कामकृते नमः
  31. ॐ कामदायकाय नमः
  32. ॐ मृत्युसंहारकाय नमः
  33. ॐ अमर्त्याय नमः
  34. ॐ नित्यनुष्ठानदायकाय नमः
  35. ॐ क्षपाकराय नमः
  36. ॐ क्षीणपापाय नमः
  37. ॐ क्षयवृद्धिसमन्विताय नमः
  38. ॐ जैवातरकाय नमः
  39. ॐ शुचये नमः
  40. ॐ शु‍भ्राय नमः
  41. ॐ जयिने नमः
  42. ॐ जयफलप्रदाय नमः
  43. ॐ सुधामयाय नमः
  44. ॐ सुरस्वामिने नमः
  45. ॐ भक्तानामिष्टदायकाय नमः
  46. ॐ भुक्तिदेय नमः
  47. ॐ मुक्तिदेय नमः
  48. ॐ भद्राय नमः
  49. ॐ भक्तदारिद्र्यभञ्जनाय नमः
  50. ॐ सामगानप्रियाय नमः
  51. ॐ सर्वरक्षकाय नमः
  52. ॐ सागरोद्भवाय नमः
  53. ॐ भयान्तकृते नमः
  54. ॐ भक्तिगम्याय नमः
  55. ॐ भवबन्धविमोचकाय नमः
  56. ॐ जगत्प्रकाशकिरणाय नमः
  57. ॐ जगदोलनन्दकारणाय नमः
  58. ॐ निस्सापत्नाय नमः
  59. ॐ निराहाराय नमः
  60. ॐ निर्विकाराय नमः
  61. ॐ निरामयाय नमः
  62. ॐ भूच्छायाच्छादिताय नमः
  63. ॐ भव्याय नमः
  64. ॐ भुवनप्रतिपालकाय नमः
  65. ॐ सकलार्तिहराय नमः
  66. ॐ सौम्यजनकाय नमः
  67. ॐ साधुवन्दिताय नमः
  68. ॐ सर्वागमज्ञाय नमः
  69. ॐ सर्वज्ञाय नमः
  70. ॐ सनकादिमुनिस्तुताय नमः
  71. ॐ सिताङ्गाय नमः
  72. ॐ सितभूषणाय नमः
  73. ॐ श्वेतमाल्याम्बरधराय नमः
  74. ॐ श्वेतगन्धानुलेपनाय नमः
  75. ॐ दशाश्वरथसंरूढाय नमः
  76. ॐ दण्डपाणये नमः
  77. ॐ धनुर्धराय नमः
  78. ॐ कुन्दपुष्पोज्ज्वलाकाराय नमः
  79. ॐ नयनाब्जसमुद्भवाय नमः
  80. ॐ आत्रेयगोत्रजाय नमः
  81. ॐ अत्यन्तविनयाय नमः
  82. ॐ प्रियदायकाय नमः
  83. ॐ करुणारससम्पूर्णाय नमः
  84. ॐ कर्कटप्रभवे नमः
  85. ॐ अव्ययाय नमः
  86. ॐ चतुरस्रासनारूढाय नमः
  87. ॐ प्रेमदायकाय नमः
  88. ॐ सर्वकामगुणावहाय नमः
  89. ॐ पद्मनाभाय नमः
  90. ॐ चन्द्रवक्त्राय नमः
  91. ॐ अमृताय नमः
  92. ॐ प्रियाय नमः
  93. ॐ सौम्याय नमः
  94. ॐ सौभाग्यविधाय नमः
  95. ॐ शिशुमुखाय नमः
  96. ॐ शान्तारूपाय नमः
  97. ॐ शुभप्रदाय नमः
  98. ॐ शुभाय नमः
  99. ॐ सवितृमये नमः
  100. ॐ सहस्रवर्णाय नमः
  101. ॐ शशिवर्णाय नमः
  102. ॐ शशिधराय नमः
  103. ॐ शुभलोचनाय नमः
  104. ॐ शृंगारप्रियाय नमः
  105. ॐ सन्मुखाय नमः
  106. ॐ सुरार्चिताय नमः
  107. ॐ चन्द्रलोचनाय नमः
  108. ॐ सुकर्माय नमः

चंद्रदेव के 108 नामों की जाप विधि

शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थल पर उनका चित्र स्थापित करें या खुले स्थान से चंद्रमा के दर्शन करें। इसके बाद चंद्रदेव को सफेद फूल, अक्षत और जल अर्पित करें। संभव हो तो दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं। फिर रुद्राक्ष या स्फटिक की माला लेकर 'ॐ चन्द्रमसे नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद चंद्रदेव के 108 नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करें। अंत में मन की शांति, परिवार के कल्याण और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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