अध्यात्म

आज एकादशी कितने बजे तक है, 1 दिसंबर को कौन-सी एकादशी का व्रत है, जानें कितने बजे होगी विष्णु जी की पूजा

Aaj Ekadashi Hai Kya: आज एकादशी है क्या? आज कौन सी एकादशी है? 1 दिसंबर 2025 को एकादशी कितने बजे तक है? आज मोक्षदा एकादशी है क्या? मोक्षदा एकादशी की पूजा कितने बजे तक होगी? आज की एकादशी से जुड़े इस तरह के सभी सवालों के जवाब यहां मौजूद हैं।

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1 दिसंबर 2025 को कौन सी एकादशी है (pic credit: canva)

Aaj Ekadashi Hai Kya: आज की तिथि और व्रत को लेकर लोगों में काफी ज्यादा कंफ्यूज हैं। आज एकादशी है या नहीं? आज कौन सी एकादशी है? 1 दिसंबर 2025 को एकादशी कितने बजे तक है? आज मोक्षदा एकादशी है या देवउठनी एकादशी? आज एकादशी की पूजा कितने बजे होगी? यहां से आप एकादशी से जुड़ी सारी जानकारी ले सकते हैं। इससे आपकी सारी कंफ्यूजन भी दूर हो जाएगी।

आज एकादशी है क्या?

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी की तिथि 30 नवंबर को रात 9:29 बजे शुरू हुई और आज यानी 1 दिसंबर को शाम 7:01 बजे समाप्त होगी। इसका अर्थ है कि आज एकादशी है।

आज कौन-सी एकादशी का व्रत है?

आज मोक्षदा एकादशी है। इस एकादशी को गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि यही वह दिन माना जाता है जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद् गीता का उपदेश दिया था।

आज एकादशी कितने बजे तक है?

आज की एकादशी (मोक्षदा एकादशी – 1 दिसंबर 2025) शाम 7:01 बजे तक है।

आज के शुभ मुहूर्त-

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:37

अमृत काल- शाम 5:21 बजे से 5:48 बजे तक

विजय मुहूर्त- दोपहर 1:55 बजे से 2:37 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त- शाम 5:21 बजे से 5:48 बजे तक

इस समय भूलकर भी न करें एकादशी की पूजा-

आज सुबह 07 बजकर 47 मिनट से सुबह के 09 बजकर 07 मिनट तक राहुकाल है और इस समय एकादशी की पूजा नहीं करनी चाहिए। वहीं, दोपहर 1 बजकर 08 मिनट से दोपहर 2 बजकर 28 मिनट तक गुलिक काल और सुबह 10 बजकर 28 मिनट से दोपहर 11 बजकर 48 मिनट तक यमगण्ड रहेगा तो इस समय पर भी विष्णू जी की पूजा नहीं करनी है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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