अध्यात्म

4 February 2025 Panchang: पंचांग से जानिए रथ सप्तमी और नर्मदा जयंती का शुभ मुहूर्त, आज का राहुकाल, दिशा शूल, सूर्योदय और सूर्यास्त समय

4 February 2025 Panchang: पंचांग अनुसार 4 फरवरी को रथ सप्तमी और नर्मदा जयंती का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है।

Image

4 February 2025 Panchang

4 February 2025 Panchang: पंचांग अनुसार 4 फरवरी को माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी। इसके अलावा नक्षत्र अश्विनी और योग शुभ रहेगा। सूर्य देव मकर राशि में तो चंद्र देव मेष राशि में विराजित रहेंगे। इस दिन रथ सप्तमी और नर्मदा जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। इसके साथ ही मंगलवार का पावन व्रत रहेगा। तो वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है। ऐसे में जानिए 4 फरवरी के शुभ-अशुभ मुहूर्तों समेत पूरा पंचांग।

नर्मदा जयंती मुहूर्त 2025 (Narmada Jayanti 2025 Muhurat)

नर्मदा जयन्ती 4 फरवरी 2025 की सुबह 04:37 बजे से 5 फरवरी की सुबह 02:30 बजे तक रहेगी। ये त्योहार मुख्य रूप से मध्यप्रदेश में मनाया जाता है।

4 फरवरी 2025 पंचांग (4 February 2025 Panchang)

संवत---पिंगला विक्रम संवत 2081

माह-माघ, शुक्ल पक्ष, सप्तमी,

तिथि- सप्तमी

दिवस -मंगलवार

सूर्योदय-07:08am

सूर्यास्त-6:03pm

नक्षत्र- अश्वनी 09:51 pm तक फिर भरणी

चन्द्र राशि - मेष

सूर्य राशि- मकर

करण- गर 03:31pm तक फिर वणिज

4 फरवरी 2025 शुभ मुहूर्त (4 February 2025 Shubh Muhurat)

अभिजीत-12:11 pm से 12;58 pm तक

विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:25pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:22pm

ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:09am तक

अमृत काल-06:09am से 07:40am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:40से 12:22तक रात

संध्या पूजन-06:21 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल-पूर्व दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-दोपहर 03 बजे सायंकाल 04:30 बजे तक

क्या करें- कुम्भ महोत्सव के परम पवित्र माह शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दिवस मंगलवार है। आज हनुमान जी के निमित्त मंगलवार का पावन व्रत है। महाकुम्भ स्नान चल रहा है। आज संगम में या किसी पवित्र नदी में स्नान का आध्यात्मिक लाभ लें। हनुमान जी की उपासना करें। अपने वजन के बराबर गेंहू का दान करें। यह माह विष्णु जी व लक्ष्मी जी को समर्पित बहुत ही पुण्यदायी होता है। हनुमान चालीसा का 07 बार पाठ करें। धार्मिक पुस्तकों , तिल व कंबल का दान करें। माता गंगा की उपासना करें।पीपल के वृक्ष के तले बैठकर सुंदरकांड के पाठ से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। हनुमान जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान व दान पुण्य करें। तिल के लड्डू व काले ऊनी वस्त्रों का दान बहुत ही पुण्यदायी होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। इस समय नित्य गंगा स्नान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं तथा सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त होता है। नदी के तट पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रूद्राभिषेक करें। मधु, तिल, बेल पत्र व गंगा जल शिवलिंग को अर्पित करें। आध्यात्मिक सतसंग का आनन्द लें। रोगों से बचने के लिए हनुमान बाहुक का पाठ करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article