अध्यात्म

11 May 2024 Panchang In Hindi: आज है विनायक चतुर्थी, नोट कर लें पूजा मुहूर्त, राहुकाल समय और अन्य शुभ मुहूर्त

11 May 2024 Panchang In Hindi: पंचांग अनुसार 11 मई को वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है इस दिन विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। यहां जानिए 11 मई का पंचांग, राहुकाल समय, अभिजीत मुहूर्त, शुभ मुहूर्त और प्रदोष काल समय।

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11 May 2024 Panchang In Hindi

11 May 2024 Panchang In Hindi: 11 मई को पूरे दिन वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस तिथि पर विनायक चतुर्थी व्रत रखा जाता है। जो भगवान गणेश को समर्पित है। इसके अलावा इस दिन मृगशिरा और आद्रा नक्षत्र भी रहेगा। इस दिन चंद्र देव मिथुन राशि में रहेंगे तो सूर्य देव मेष राशि में विराजमान रहेंगे। जानिए 11 मई का पूरा पंचांग।

संवत-पिङ्गला

विक्रम संवत 2081

माह-वैशाख, शुक्ल पक्ष

तिथि- चतुर्थी

दिन-शनिवार

व्रत- विनायक चतुर्थी का महान व्रत।

सूर्योदय-05:48am

सूर्यास्त-06:51 pm

नक्षत्र- मृगशिरा 10:17 am तक फिर आद्रा

चन्द्र राशि- मिथुन

सूर्य राशि- मेष

करण- वणिज 02:22am तक फिर विष्टि

योग-सुकर्मा 10:03 pm तक फिर धृति

शुभ मुहूर्त

अभिजीत-11:56am से 12:49 pm

विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:27 pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:44 pm से 07:08pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:12am से 05:06am तक

अमृत काल-06:09am से 07;56 am तक

निशिता मुहूर्त-रात्रि 11:56 से 12:43 तक

संध्या पूजन-06:51pm से 07;53pm तक

दिशा शूल - पूर्व दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त-राहुकाल -प्रातःकाल 09 बजे से 10:30 बजे तक

क्या करें-आज श्री गणेश जी की उपासना करें। स्वर्ण व चांदी के आभूषण लें। शनिवार को तिल दान का बहुत महत्व है। व्रत रहें। उपवास फलाहार होगा। सुंदरकांड का पाठ करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का निरन्तर मानसिक जप करते रहें। धार्मिक सतसंग करें। किसी भी मंदिर परिसर में बेल, शमी व पीपल का पेड़ लगाएं। आज हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। रात्रि में कुछ भक्त हनुमान जी की पूजा व तांत्रिक अनुष्ठान भी करते हैं।गो माता को पालक खिलाएं। हनुमान चालीसा का 100 पाठ करें।

क्या न करें- किसी का हक मत मारें। आपके मन में किसी के प्रति कोई दुराग्रह मत हो। आपमें कटु वाणी व अहंकार का समावेश न हो।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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