भारत युवाओं का देश है और यहां पर खेल में भी जहां अनुभव अहम भूमिका निभाता है वहीं दूसरी ओर इस साल कई युवा चेहरे ऐसे सामने आए जिन्होंने नई उर्जा से अनुभवी प्लेयर्स को भी पीछे कर दिया और देश और दुनिया में अपना नाम रोशन किया।
महज 19 साल की दिव्या देशमुख ने वो कर दिखाया जो कि आज तक कोई भी भारतीय महिला नहीं कर पाई है। ग्रेंडमास्टर दिव्या देशमुख ने 2025 में खेले गिए फिडे वर्ल्ड कप के फाइनल में दिग्गज कोमिरू हम्पी को मात देकर खिताब अपने नाम किया। वे इस टाइटल को जीतने वाली दुनिया की सबसे युवा चेस मास्टर बन गईं। (फोटो- Divyadeshmukhinstagram)
भारत की पैरा एथलीट शीतल देवी ने इस साल इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करवा लिया। जन्म से ही बिना हाथ पैर के जन्मी शीतल देवी ने आगामी एशिया कप चरण तीन के लिए भारत की सक्षम जूनियर टीम में जगह बनाई। (फोटो- PTI)
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इस साल सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया और अपने देश में खेले गए महिला विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। ये उनका पहला टाइटल था और इससे पूरा देश गौरवांवित हो गया। (फोटो- bcci women)
केवल 14 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए ये साल किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। उन्होंने आईपीएल 2025 में दमदार प्रदर्शन के बाद विजय हजारे ट्रॉफी से लेकर इंडिया अंडर 19 टीम के लिए शतकों की झड़ी लगा दी और उन्हें इसके लिए बाल पुरस्कार भी दिया गया। वैभव भारतीय खेल जगत की इस साल की टॉप हाईलाइट रहे। (photo - IPL/BCCI)
इस साल भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने भी पहले ही टी20 वर्ल्ड कप में परचम लहरा दिया। सभी खिलाड़ियों के जज्बे को देश ने सलाम ठोका। इसमें कई प्लेयर्स ऐसे भी थे जो कि बेहद गरीब थे और उनके पास किट तक खरीदने के पैसे नहीं थे। (PHOTO- Narendra modi Instagram)
मेन इन ब्लू भी इस साल पीछे नहीं रही। टीम इंडिया ने पहले फरवरी में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता और इसके बाद एशिया कप में भी परचम लहराया। (फोटो- AP)