खगोलविदों ने सुदूर अंतरिक्ष में पहली बार दो आकाशगंगाओं को एक दूसरे से टकराते हुए देखा। यह एकदम युद्ध की तरह था जैसे दोनों आकाशगंगाएं पहले एक दूसरे से भिड़ी और फिर पीछे हट गईं। (फोटो साभार: ESO.Org)
खगोलविदों ने 18 लाख किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार से आकाशगंगाएं को एक-दूसरे की ओर बढ़ते हुए देखा। दोनों आकाशगंगाएं तेजी से एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, टकराती हैं, और फिर पीछे हटकर दोबारा हमले की तैयारी करती हैं।
खगोलविदों ने यूरोपीय दक्षिण वेधशाला (ESO) के वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT) और अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर ऐरे (ALMA) की मदद से देखा। (फोटो साभार: ESO.Org)
टेलीस्कोप के अवलोकनों से पता चला कि एक आकाशगंगा में क्वासर से निकलने वाला रेडिएशन दूसरी आकाशगंगा को कमजोर कर रहा है जिसकी वजह से नए तारे बनाने की उसकी क्षमता प्रभावित हो रही है। (फोटो साभार: ESO.Org)
क्वासर एक अत्यधिक चमकदार ब्रह्मांडीय वस्तु है, जो आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद एक सुपरमैसिव ब्लैक होल (Supermassive Black Hole) के आसपास मौजूद गैस और धूल के घूमने से पैदा होती है
एक आकाशगंगा के रेडिएशन की वजह से दूसरी आकाशगंगा में मौजूद तारों की नर्सरी बर्बाद हो रही है, क्योंकि क्वासर के रेडिएशन ने गैस और धूल के बादलों को इतना छोटा और सघन कर दिया है कि उसमें नए तारों का बनना बेहद मुश्किल हो गया है।
इस टकराव की वजह से क्वासर को शक्ति प्रदान करने वाला ब्लैक होल और ताकतवर हो रहा है, क्योंकि टकराव की वजह से धूल और गैस ब्लैक होल के पास पहुंच रही है, जो ब्रह्मांडीय दैत्य के लिए ईंधन का काम कर रही है।