पीएम मोदी का कहना है कि राम भारतवासियों के अंतर्मन में विराजे हुए हैं। भारत के संविधान की पहली प्रति में भगवान राम विराजमान हैं। हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे। हमारे रामलला अब इस दिव्य मंदिर में रहेंगे।
अयोध्या में राम मंदिर में श्री रामलला के नवीन विग्रह की सोमवार को प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे संबंधित अनुष्ठान में भाग लिया।
सुनहरी रंग का कुर्ता, क्रीम रंग की धोती और उत्तरीय पहने प्रधानमंत्री मोदी नवनिर्मित राम मंदिर के मुख्य द्वार से अंदर तक पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे और गर्भगृह में प्रवेश किया। प्रधानमंत्री इस दौरान अपने हाथ में लाल रंग के कपड़े में लिपटा हुआ चांदी का छत्र भी लेकर आए।
500 से अधिर वर्षों का इंतजार खत्म हो गया है, राम आ गए हैं। नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर के करीब 50 वाद्ययंत्रों से ‘मंगल ध्वनि’बजायी गयी।
गर्भगृह में पीएम मोदी ने पंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच अनुष्ठान शुरू किया। उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए ‘संकल्प’ लिया । अनुष्ठान में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हुए।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। मध्यान्ह में साढ़े बारह बजे (12-29) बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गयी। इस दौरान सेना के हेलीकॉप्टरों ने मंदिर परिसर पर पुष्प वर्षा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव-विभोर करने वाला है। इस दिव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरा परम सौभाग्य है। जय सियाराम।'
मोदी समारोह के बाद एक सभा को भी संबोधित करेंगे। उनका कुबेर टीला भी जाने का कार्यक्रम है। वह राम मंदिर के निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों से भी बातचीत करेंगे।
पूरा शहर धार्मिक उत्साह और भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है क्योंकि प्राचीन ‘अयोध्या नगरी’ को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, विशेष रूप से राम पथ और धर्म पथ, जिसे सरकार ‘नव्य, दिव्य और भव्य अयोध्या’ कहती है।