इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच अमेरिका के 'डूम्सडे विमान' ने उड़ान भरी, जिसे सैन्य विमान E-4B या E-4B Nightwatch भी कहा जाता है और यह 'प्रलय के विमान' के तौर पर प्रसिद्ध है। इस विमान ने मंगलवार को लुइज़ियाना स्थित बार्क्सडेल एयर फोर्स बेस से शाम 6 बजे उड़ान भरी और लगभग 4 घंटे बाद मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज पर लैंडिंग हुई।
डूम्सडे विमान को राष्ट्रीय आपातकाल, परमाणु युद्ध, साइबर अटैक या किसी बड़ी आपादा के दौरान कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस विमान का आसमान में उड़ता हुआ 'व्हाइट हाउस' या 'पेंटागन' भी समझा जा सकता है।
इस विमान को बड़े से बड़े हमले के दौरान शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को बचाने के लिए डिजाइन किया गया है। E-4B नाइटवॉच के पास परमाणु धमाके के साथ ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) को सहन करने की काबिलियत भी है।
डूम्सडे विमान में 67 सैटेलाइट डिश और एंटेना लगे हुए हैं। आसान शब्दों में कहें तो यह टॉप-सीक्रेट मिलिट्री कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है जिसकी बदौलत शीर्ष सैन्य लीडर्स पनडुब्बियों, बॉम्बर्स, मिसाइल साइलों और अन्य सैन्य इकाइयों के साथ निरंतर संपर्क में रखते हैं।
डूम्सडे भले खुद ही तबाही न मचाए, लेकिन हर मुश्किल परिस्थितियों में अमेरिकी सैन्य बलों के साथ संपर्क में रहता है। जब सबका कम्युनिकेशन सिस्टम ठप हो जाता है तब भी यह विमान अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन करने के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति, रक्षा सचिव और शीर्ष सैन्य नेता मुश्किल से मुश्किल निर्णय लेकर उसे सैन्य बलों तक पहुंचाने में सक्षम हैं जिसमें परमाणु युद्ध का आदेश भी हो सकता है।
डूम्सडे विमान हवा में ईंधन भरने की क्षमता के साथ बिना उतरे 35 घंटे से अधिक समय तक आसमान फर्राटा भर सकता है। यह मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों के दौरान सक्रिय रहा है।
E-4B में तीन डेक हैं, जिनमें ब्रीफिंग रूम, स्ट्रैटेजिक कॉन्फ्रेंस रूम, कम्युनिकेशन जोन और रेस्ट करने के लिए 18 बंक हैं ताकि विमान में मौजूद सदस्य आराम कर सकें।