Dulhe Ka Sehra Purana Lagta Hai Song Trivia: गाने भारतीय सिनेमा की पहचान हैं। दुनिया के किसी भी देश में ऐसी फिल्में नहीं बनती हैं, जिनमें गाने कहानी का हिस्सा होते हैं। हॉलीवुड में तो ये कहा जाता है कि भारतीय फिल्में गानों के बिना अधूरी हैं। हमारे यहां के डायरेक्टर-राइटर इस बात का ख्याल रखते हैं कि फिल्मों में रखे जाने वाले गाने कहानी का हिस्सा लगें ताकि दर्शक वो इमोशन महसूस कर पाएं, जिनके लिए मेकर्स ने दिन-रात मेहनत की है। हालांकि कई दफा ऐसा होता है कि दर्शकों को इमोशन फील होने से पहले कलाकारों को गाने वो इमोशन फील करवा देते हैं, जिसकी उम्मीद भी नहीं की गई थी। अब साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म धड़कन ही ले लीजिए, जिसका गाना दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है हर शादी में चलता है। इस गाने को नुसरत फतेह अली खान ने गाया था। बताया जाता है कि जब नुसरत फतेह अली खान साहब ये गाना गा रहे थे तो उनके आंसू नहीं रुक रहे थे। ये गाना गाते हुए उन्हें अपनी बेटी की इस कदर याद आ रही थी। आइए आपको पूरा किस्सा सुनाते हैं...
धर्मेश दर्शन ने साल 2000 में धड़कन नाम की फिल्म रिलीज की थी, जिसे बनने में कई साल लग गए थे। इस फिल्म में नदीम श्रवण ने दूल्हे का सेहरा गाना दिया था, जिसने सालों-साल लोगों को रुलाया है। इस गाने को पाकिस्तानी गायक नुसरत फतेह अली खान ने अपनी आवाज दी थी। बेटी की विदाई पर आधारित ये गाना गाते हुए नुसरत फतेह अली खान साहब कई दफा रोए थे। हालत ये हो गई थी कि कई दफा संगीतकारों को गाने की रिकॉर्डिंग रोकनी पड़ी थी।
नुसरत साहब ने ये गाना इतने दिल से गाया था कि रिलीज के 26 साल बाद भी ये गाना लोगों की जुबान पर रहता है। जब भी भारत में शादियां होती हैं, ये गाना जरूर बजता है। लेखक समीर अंजान ने इस गाने में इतने जादुई शब्द डाले हैं कि ये गाना पिता-बेटी के रिश्ते को हमेशा आवाज देता रहेगा। एक बेटी की विदाई के वक्त पिता का दिल कैसे रोते है, इस गाने से बेहतर कोई दूसरा गाना नहीं दर्शा सकता है।
असल में दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है गाने में एक जगह "मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल..." लाइन आती है। इस लाइन के आते ही नुसरत फतेह अली खान को अपनी बेटी की याद आ जाती थी। वो इस लाइन को गाते-गाते इतने भावुक हो जाते थे कि उनकी आंखों से आंसू नहीं रुकते थे।
गायक समीर अंजान ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि दूल्हे का सेहरा गाना नुसरत साहब के दिल के बहुत करीब था क्योंकि उन्होंने इस गाने को गाते-गाते बेटियों की याद आती थी। नुसरत साहब ने इस गाने को गाते हुए 150 बार टेक दिए तब जाकर ये गाना पूरा हुआ।
फिल्म धड़कन को लोग कई वजहों से याद करते हैं, जिसमें एक बड़ी वजह यही है कि इसमें दूल्हे का सेहरा गाना है। इस गाने को नुसरत फतेह अली खान ने अपनी आवाज से यादगार बना दिया था, जिसे सुनते हुए आज भी कई बाप की आंखें नम हो जाती हैं।