विशाल विश्वास कोटा के एक झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले एक युवक हैं, इन्होंने जेईई मेंस 2022 में 5677 रैंक के साथ परीक्षा पास कर उन सभी को चौका दिया जो संसाधन के अभाव का बहाना खोजते हैं। गौरतलब है कि गरीब परिवार से आने वाले छात्रों में भी प्रतिभा होती है, लेकिन किसी न किसी कमी के चलते उनका संघर्ष कहानी का रूप नहीं ले पाता है।
विशाल विश्वास उन लोगों में से एक हैं, जिन्होंने संघर्ष करना कभी नहीं छोड़ा, वे कभी तैयारी के दौरान पीछे नहीं हुए, उनका मानना है एक बार आगे बढ़ गए तो अब लक्ष्य पा के ही मानना है।
विशाल ने लगन, परिश्रम, निरंतरता, फोकस, प्रतिबद्धता और अनुशासन के दमपर जेईई मेंस 2022 पास कर दिखाया, उन्होंने अपनी शिक्षा के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रात-दिन एक कर दिया। उन्होंने गरीबी का बहाना बहाने की बजाय केवल नियमित रूप से पढ़ाई की, और अपनी मुश्किलों को सफलता में बदल दिया।
कोटा की एक झुग्गी-झोपड़ी में रहने के बावजूद विशाल ने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति से कभी विचलित नहीं हुए और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। एक दिवाली के दिन विशाल के पिता जी का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें उनका एक हाथ टूट गया, उस दिन के बाद विशाल के पिता जी आठ माह तक घर में बैठे रह गए।
पिता के बिस्तर पकड़ लेने के बाद मां ने ठेला चलाया और कैसे तैसे करके विशाल को पढ़ाया लिखाया, हालांकि विशाल को लगा कि उन्हें भी कुछ काम करके पैसे कमाने में मां की मदद करनी चाहिए, लेकिन मां ने कहा 'नहीं बेटा, तुम पढ़ाई करो'। विशाल के लिए उनकी मां और पिता ही सबसे बड़े प्रेरणा हैं। वे जानते थे कि सिर्फ पढ़ाई ही उनके और उनके परिवार की दुनिया सवांर सकती है।