पिता कबाड़ के बदले बेचते हैं बर्तन, बेटी ने माइक्रोसॉफ्ट में 55 लाख की नौकरी पाकर रचा इतिहास

Hisar Kabadiwala daughter Simran gets job in Microsoft: हिसार के बालसमंद गांव की रहने वाली सिमरन को माइक्रोसॉफ्ट में 55 लाख की नौकरी मिली है। उसके पिता घूम घूमकर कबाड़ के बदले बर्तन बेचने का काम करते हैं। सिमरन ने पहले ही प्रयास में JEE की परीक्षा पास की थी और इसके बाद IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स में एडमिशन लिया था।

Authored by: कुलदीप राघवUpdated Jul 4 2025, 14:13 IST
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हिसार की बेटी ने रचा इतिहास

हिसार के बालसमंद गांव की रहने वाली सिमरन को माइक्रोसॉफ्ट में 55 लाख की नौकरी मिली है। उसके पिता घूम घूमकर कबाड़ के बदले बर्तन बेचने का काम करते हैं। सिमरन ने पहले ही प्रयास में JEE की परीक्षा पास की थी और इसके बाद IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स में एडमिशन लिया था।

पिता बेचते हैं बर्तन Image Credit : Instagram02 / 05

पिता बेचते हैं बर्तन

हिसार के रहने वाले राजेश कुमार कबाड़ के बदले बर्तन बेचते हैं। वह दो कमरे के घर में रहते हैं और तीन सौ से पांच रुपये हर दिन कमाते हैं। जो तीन सौ से पांच रुपये कमाई होती है, उसी से हमारे घर का गुजारा होता है।

2021 में पास की जेईईImage Credit : Instagram03 / 05

2021 में पास की जेईई

सिमरन घर में सबसे बडी बेटी है। उसके लावा दो छोटी बहनें और छोटा भाई है। सिमरन के माता पिता ज्यादा शिक्षित नहीं हैं लेकिन उन्होंने बेटी को हिसार पढ़ाई के लिए भेजा। सिमरन ने भी माता पिता के त्याग का बदला जेईई की परीक्षा पास कर चुकाया। 12वीं में उसने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए।

कैसे मिला मौकाImage Credit : Instagram04 / 05

कैसे मिला मौका

वह कैंपस सेलेक्शन के दौरान सिमरन माइक्रोसॉफ्ट हैदराबाद में इंटर्नशिप के लिए सेलेक्ट हुई और 2 महीने की इंटर्नशिप के बाद 300 बच्चों में बेस्ट इंटर्न स्टूडेंट का अवॉर्ड सिमरन ने जीता।

30 जून को हुई ज्वॉइनिंग Image Credit : Instagram05 / 05

30 जून को हुई ज्वॉइनिंग

सिमरन को अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट की ओवरसीज हेड ने अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। इसके बाद ओवरसीज हेड सिमरन से मिलने अमेरिका से भारत आए और फाइनल लिस्ट में उसने जगह बनाई। सिमरन 30 जून से ज्वाइनिंग कर चुकी हैं।

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