सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से करलिगाड़ ने विकराल रूप ले लिया और यहां एक पुल के बह जाने की सूचना है। इसके अलावा नदी किनारे बनी दर्जनों दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहां मौजूद दो होटलों के गिरने की भी खबर है।
देहरादून में तमसा नदी के किनारे बसा टपकेश्वर महादेव मंदिर भी तमसा नदी के उफान से जलमग्न हो गया। पुजारी आचार्य विपिन जोशी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे से ही नदी में तेज बहाव शुरू हो गया था और पूरा मंदिर जलमग्न हो गया।
देहरादून में रात को भारी बारिश से हर तरफ तबाही के मंजर नजर आ रहे हैं। इस बीच एक शख्स की जान बचाने के लिए प्रशासन की जद्दोजहद कुछ इस तरह दिखी।
देहरादून में बादल फटने के बाद आए फ्लैश फ्लड से हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। शहर में कई घर, गाड़ियां और जेसीबी तक मलबे में दब गई हैं।
देहरादून के IT पार्क में देर रात से हो रही भारी बारिश के कारण आया पानी परिसर में भर गया है। यहां गाड़ियां खिलौनों की तरह बहती दिखाई दीं। इस फ्लैशफ्लड से गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी मंगलवार 16 सितंबर को देहरादून जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके चलते देहरादून में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ ही पहली से 12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
बादल फटने और करलिगाड़ में उफान की सूचना पर प्रशासन ने रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। डीएम सविन बंसल ने स्वयं कमान संभाली और सभी संबंधित विभागों से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई शुरू की।
SDRF, NDRF, PWD और अन्य विभागों के साथ JCB और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ टीमों को घटनास्थल पर तैनात किया गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया।