29 साल की उम्र में Jamsetji Nusserwanji Tata ने टाटा ग्रुप की शुरुआत की। उन्होंने सबसे पहले एक ट्रेडिंग फर्म से बिजनेस शुरू किया था।
खास बात ये है कि टाटा ग्रुप की नींव जमशेतजी टाटा ने सिर्फ 21000 रु से रखी थी। वहीं अब टाटा ग्रुप की मार्केट कैप 33.83 लाख करोड़ रु है।
1874 में जमशेतजी ने एक साहसिक कदम उठाया और भारत के टेक्सटाइल हब बॉम्बे (अब मुंबई) के बजाय पुणे में टेक्सटाइल मिल शुरू की।
फिर मौका आया एक और नए बिजनेस में एंट्री का। 1903 में जमशेतजी ने ताज महल होटल खोला, जो उनके सपनों में से एक था। इसकी शान ओ शौकत आज भी बरकरार है।
1907 में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी शुरू की गई, जिसे अब टाटा स्टील के नाम से जाना जाता है। 1910 में टाटा पावर शुरू हुई और जमशेतजी टाटा के पश्चिमी भारत में क्लीन एनर्जी शुरू करने का सपना भी पूरा हुआ।
उसके बाद आने वाले दशकों में टाटा ग्रुप ने ऑटोमोटिव, टेक्नोलॉजीज, आईटी, एफएमसीजी और एयरलाइन समेत कई सेक्टरों में एंट्री की और कामयाबी हासिल की।