ये है भारत की सबसे बड़ी ड्रोन कंपनी, आजादी से पहले इस राजा ने किया था शुरू

भारत में कई कंपनियां ड्रोन बनाती हैं। इनमें ड्रोनआचार्य एरियल, गरुड़ एयरोस्पेस, जेन टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) और पारस डिफेंस शामिल हैं। इनमें मार्केट कैप के हिसाब से सबसे बड़ी ड्रोन बनाने वाली कंपनी है HAL।

Authored by: काशिद हुसैन Updated Sep 19 2024, 11:07 IST
डिफेंस इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर Image Credit : IStock/X01 / 06

डिफेंस इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर

HAL भारत की सबसे बड़ी डिफेंस इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर और सप्लायर है। इसकी मार्केट कैप 2.88 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।

​एचएएल की शुरुआत​Image Credit : IStock/X02 / 06

​एचएएल की शुरुआत​

एचएएल की शुरुआत 23 दिसंबर 1940 को बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड नाम से वालचंद ग्रुप के फाउंडर वालचंद हीराचंद ने मैसूर साम्राज्य के कृष्ण राजा वाडियार चतुर्थ के सहयोग से की थी।

​ भारत सरकार के पास ओनरशिप​Image Credit : IStock/X03 / 06

​ भारत सरकार के पास ओनरशिप​

एचएएल ने 1942 में ही भारतीय वायु सेना के लिए हार्लो पीसी-5, कर्टिस पी-36 हॉक और वुल्टी ए-31 वेंजेंस विमान बनाना शुरू कर दिया था। आजादी के बाद इसकी ओनरशिप भारत सरकार के पास आ गई।

​ हेलीकॉप्टर, एयरो-इंजन और ड्रोन​Image Credit : IStock/X04 / 06

​ हेलीकॉप्टर, एयरो-इंजन और ड्रोन​

यह भारत की लीडिंग एयरोस्पेस कंपनी है, जो विमान, हेलीकॉप्टर, एयरो-इंजन, ड्रोन जैसे प्रोडक्ट बनाती है। एचएएल ने ALFA-S और CATS Warrior जैसे ड्रोन बनाए हैं।

​एडवांस्ड प्रिसिजन ड्रोन​Image Credit : IStock/X05 / 06

​एडवांस्ड प्रिसिजन ड्रोन​

गरुड़ एयरोस्पेस और एचएएल की सब्सिडियरी नैनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग ने 'एडवांस्ड प्रिसिजन ड्रोन' बनाने के लिए एक समझौता भी किया है।

​7621 करोड़ रु का फायदा​Image Credit : IStock/X06 / 06

​7621 करोड़ रु का फायदा​

FY24 में कंपनी को 7621 करोड़ रु का फायदा हुआ, जो FY23 में रहे 5828 करोड़ रु के प्रॉफिट से 30.77 फीसदी अधिक है।

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