HAL भारत की सबसे बड़ी डिफेंस इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर और सप्लायर है। इसकी मार्केट कैप 2.88 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
एचएएल की शुरुआत 23 दिसंबर 1940 को बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड नाम से वालचंद ग्रुप के फाउंडर वालचंद हीराचंद ने मैसूर साम्राज्य के कृष्ण राजा वाडियार चतुर्थ के सहयोग से की थी।
एचएएल ने 1942 में ही भारतीय वायु सेना के लिए हार्लो पीसी-5, कर्टिस पी-36 हॉक और वुल्टी ए-31 वेंजेंस विमान बनाना शुरू कर दिया था। आजादी के बाद इसकी ओनरशिप भारत सरकार के पास आ गई।
यह भारत की लीडिंग एयरोस्पेस कंपनी है, जो विमान, हेलीकॉप्टर, एयरो-इंजन, ड्रोन जैसे प्रोडक्ट बनाती है। एचएएल ने ALFA-S और CATS Warrior जैसे ड्रोन बनाए हैं।
गरुड़ एयरोस्पेस और एचएएल की सब्सिडियरी नैनी एयरोस्पेस इंजीनियरिंग ने 'एडवांस्ड प्रिसिजन ड्रोन' बनाने के लिए एक समझौता भी किया है।
FY24 में कंपनी को 7621 करोड़ रु का फायदा हुआ, जो FY23 में रहे 5828 करोड़ रु के प्रॉफिट से 30.77 फीसदी अधिक है।