Patna: पटना हाई कोर्ट में 48 घंटे के भीतर 17 नए स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए, HC के कुल 68 कर्मचारी संक्रमित

Patna News: पटना हाई कोर्ट में बीते 48 घंटों में 17 नए कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके साथ ही हाई कोर्ट में संक्रमित कर्मचारियों व स्टाफ की कुल संख्या बढ़कर 68 हो गई है।

patna high court
पटना हाई कोर्ट में 17 नए कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए 

मुख्य बातें

  • पटना हाई कोर्ट में संक्रित स्टाफ व कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 68
  • मंगलवार को पटना हाई कोर्ट में 17 नए स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए
  • फिलहाल हाई कोर्ट में सभी मामलों की सुनवाई वर्चुअल रुप से हो रही है

पटना : पटना हाई कोर्ट में 17 और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। पिछले 48 घंटों में ये चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके साथ ही हाई कोर्ट में कुल संक्रमित कर्मचारियों व स्टाफ की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। बताया जाता है कि शनिवार को हाई कोर्ट परिसर में कोविड टेस्ट कैंप लगाया गया था जहां पर 17 नए कर्मचारियों की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इनमें से 5 की रिपोर्ट सोमवार को जबकि 12 की रिपोर्ट मंगलवार को सामने आई।

हाई कोर्ट परिसर में कैंप जिला प्रशासन के द्वारा लगाया गया था जो आगे भी कुछ दिनों के लिए लगा रहेगा। बताया जा रहा है कि हाई कोर्ट के कई अन्य स्टाफ को अभी भी कोरोना टेस्ट से गुजरना है। जानकारी के मुताबिक हाई कोर्ट के अंदर संक्रमण का पहला मामला 10 जुलाई को सामने आया था जब डीएसपी रैंक के एक अधिकारी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।

इसके बाद कोविड-19 केयर सेंटर सेटअप किया गया जहां पर हाई कोर्ट के अधिकारी, स्टाफ व कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया गया जहां पर वे पॉजिटिव पाए गए। एक केयर सेंटर छज्जू बाग में जजों के गेस्टहाउस पर सेटअप किया गया था जबकि दूसरा पटना सिटी के गाई घाट पर बिहार ज्यूडिशियल एकेडमी में से अप किया गया था।

बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर जजों को भी इस सेंटर में जांच कराया जाएगा। इन दोनों सेंटरों में संक्रमित स्टाफ व कर्मचारियों की देख-रेख के लिए मेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं। इस बीच हाई कोर्ट की सभी कार्यवाहियों को वर्चुअल मोड में संचालित करने की सलाह जारी की गई है।

जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते हैं तब तक हाई कोर्ट परिसर में किसी की भी शारीरिक उपस्थिति की अनुमति नहीं है। सबऑर्डिनेट कोर्ट फिलहाल केवल क्रिमिनल केसेस में बेल और रिमांड मामलों की सुनवाई करेगी। हाई कोर्ट अगस्त के पहले सप्ताह तक केवल अर्जेंट केसेस ही सुनवाई के लिए लेगी।

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