RJD में अंदरूनी लड़ाई हुई तेज!, JDU नेता का तंज- 'स्वैग से करेंगे तेजप्रताप यादव का स्वागत'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 15, 2021, 07:00 AM IST

आरजेडी नेता तेजप्रताप यादव जब शनिवार को पार्टी दफ्तर पहुंचे तो वहां प्रदेश अध्यक्ष नहीं थे जिससे वो नाराज हो गए और जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

RJD में अंदरूनी लड़ाई हुई तेज!, JDU नेता का तंज- 'स्वैग से करेंगे तेजप्रताप यादव का स्वागत'

पटना: राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष और पुराने वफादार जगदानंद सिंह के खिलाफ ऐसा बयान दिया जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। तेज प्रताप के इस बयान को आरजेडी में अंदरूनी लड़ाई के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि जगदानंद सिंह ने तेजप्रताप के बयान पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। वहीं अब जेडीयू नेताओं ने तेज प्रताप के बयान को लेकर उन पर तंज कसा है।

क्या कहा था तेजप्रताप यादव ने
दरअसल शनिवार को  जब तेज प्रताप यादव जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में पहुंचे थे तो वहां प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को नहीं पाकर भड़क गए थे। इसके बाद उन्होंने जगदानंद को जमकर खरी-खोटी सुनाई और देखते ही देखते मामले ने तूल पकड़ लिया। तेज प्रताप यादव ने कहा, 'मुझे बताया गया है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को समय लेकर उनसे मिलने को कहा जाता है। क्या यह एक लोकतांत्रिक पार्टी का कार्य है। मैं हसनपुर सीट से माननीय विधायक हूं और पार्टी कार्यालय पहुंचा तो मेरा स्वागत तो छोड़िए, प्रदेश अध्यक्ष मुझसे मिलने तक नहीं आते हैं।'

जेडीयू नेताओं का तंज
तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद अब सत्ताधारी जेडीयू को आरजेडी पर तंज कसने का मौका मिल गया है। इस पूरे विवाद पर  जेडीयू नेता निखिल मंडल ने तंज कसते हुए कहा है कि जिस तरह स्वागत नहीं करने पर तेजप्रताप जगदानंद सिंह पर भड़के हैं उससे लगता है कि आने वाले दिनों में जदानंद लालू यादव का बड़े स्वैग से स्वागत करेंगे। उन्होंने लिखा, 'जलील होने के बाद अब जगदा बाबू किया करेंगे तेजप्रताप का स्वैग से स्वागत।' 

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

वहीं कांग्रेस विधान परिषद सदस्य प्रेम चंद्र मिश्रा ने तेजप्रताप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘यह राजद का आंतरिक मामला है। पार्टी नेतृत्व किसी भी स्थिति को संभालने में सक्षम है। अगर बिहार की राजनीति में किसी के पास चिंता का कारण है, तो यह सत्तारूढ़ जद (यू) -भाजपा गठबंधन है जो आंतरिक विरोधाभास के कारण अलग होने की ओर अग्रसर है।'

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