पटना: बिहार के पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से भाजपा विधायक ने जैसे ही रविवार को विधायक पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया तो हर गकोई हैरान रह गया है। रश्मि वर्मा ने मीडिया में आकर कुछ नहीं बताया लेकिन उनकी एक फोटो वायरल हो गई जिसमें उन्होंने अपने त्यागपत्र के साथ खड़ी हुई नजर आ रही है। खबर के मुताबिक रश्मि वर्मा सोमवार को बिहार के विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उन्होंने इसे सार्वजनिक कर दिया।
बीजेपी अध्यक्ष की सफाई
हालांकि भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जायसवाल ने मीडिया के सामने आकर पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि रश्मि वर्मा इस्तीफा नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा, 'रश्मि वर्मा के साथ कुछ पारिवारिक मुद्दे थे। उन्होंने अपना त्याग पत्र लिखा था लेकिन विधानसभा अध्यक्ष के सामने पेश नहीं किया। उनके निजी मुद्दों का उनके राजनीतिक करियर से कोई लेना-देना नहीं है। वह वापस आएंगी। वह इस्तीफा वापस लेंगी, वह अपने घर पर लौट रही हैं। सोमवार को वो मुझसे मिलेगी।'
प्रियंका गांधी ने लगाए थे आरोप
रश्मि वर्मा पहले भी भाजपा से बगावत कर चुकी हैं और निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी हैं। हमेशा से ही विवादों में रहने वाली विधायक रश्मि वर्मा की वजह से उत्तर प्रदेश का सियासी पारा भी चढ़ा हुआ था। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा लीक के मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने बिहार की इन भाजपा विधायक पर निशाना साधते हुए कहा था कि यूपीटेट पेपर आउट कराने के घोटाले का मास्टरमाइंड भाजपा विधायक का भाई है।
प्रियंका गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए पिछले महीने भाजपा विधायक रश्मि वर्मा ने कहा था कि उन्हें यह पता होना चाहिए कि शादी के बाद लड़की के सारे तार ससुराल से जुड़े होते हैं, मायके से नहीं। इसके साथ ही उन्होंने सफाई देते हुए यह भी कहा था कि उन्होंने कभी भी अपने भाई के साथ मिलकर कोई कारोबार नहीं किया।

