SSR Death Case: जांच और जिरह वहीं होगी जहां वारदात हुई, सीबीआई जांच की मांग राजनीति से प्रेरित: अनिल देशमुख

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 2, 2020, 07:17 PM IST

sushant singh case cbi probe: सुशांत सिंह राजपूत केस में महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का कहना है कि इस विषय पर सीबीआई जांच की मांग राजनीति से प्रेरित है।

SSR Death Case: जांच और जिरह वहीं होगी जहां वारदात हुई, सीबीआई जांच की मांग राजनीति से प्रेरित: अनिल देशमुख

मुंबई। फिल्म जगत का खिलखिलाता चेहरा सुशांत सिंह राजपूत अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी हत्या हुई या उन्होंने खुद को मार डाला इस विषय पर जांच चल रही है। सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को भरोसा नहीं है कि मुंबई पुलिस सही तरीके से जांच कर रही है, लिहाजा पटना में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके साथ ही अलग अलग मंचों से सीबीआई जांच की मांग की जा  रही है। लेकिन महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख एक बार फिर कह रहे हैं कि सीबीआई जांच की मांग की वो निंदा करते हैं। इस केस में मुंबई पुलिस बेहतर तरीके से जांच कर रही है। 

सीबीआई जांच की मांग सिर्फ सियासी
अनिल देशमुख कहते हैं कि अब इस केस में जानबूझकर राजनीति की जा रही है। महाराष्ट्र पुलिस पेशेवर अंदाज में केस की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में है और निश्चित तौर पर सच सबके सामने आएगा। इस केस में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। इस केस की जांच और जिरह वही होनी  जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुंबई पुलिस की छवि पर बट्टा लगाने की कोशिश की जा रही है। इस केस में किसी तरह का कहीं दबाव नहीं है, जहां तक आरोप लगाने की बात है तो वो सिर्फ राजनीति है। 


सीबीआई को सौंपी जा सकती हैं जांच
सुशांत सिंह केस में अलग अलग राजनीतिक दलों की तरफ से मांग की गई है कि मुंबई पुलिस जांच की दिशा को भटका रही है। यह ज्यादा अच्छा होगा कि निष्पक्ष जांच के लिए केस को सीबीआई के हवाले कर दिया जाए। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब सुशांत सिंह के पिता ने पटना पुलिस में एफआईआर दर्ज कराया कि रिया चक्रवर्ती और उससे जुड़े कुछ लोगों ने 15 करोड़ की हेराफेरी की है। इस तहरीर के बाद बिहार पुलिस की एक टीम मुंबई पहुंची। लेकिन उसके साथ बदसलूकी की गई। वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक बड़ा बयान दिया कि जांच उनके राज्य की पुलिस कर रही है और यदि परिवार मांग करेगा को सीबीआई को जांच सौंपने पर फैसला किया जा सकता है। 

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