एंटीलिया केस : NIA को मिली ब्‍लैक मर्सिडीज, कार से 5 लाख रुपये भी बरामद, वाजे करते थे इस्‍तेमाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 17, 2021, 07:16 AM IST

मुकेश अंबानी के आवास के पास 25 फरवरी को विस्‍फोटकों से भरे एसयूवी की बरामदगी मामले की जांच कर रही एनआईए को एक मर्सिडीज मिली है, जिसका इस्‍तेमाल सचिन वाजे करते थे।

एंटीलिया केस : NIA को मिली ब्‍लैक मर्सिडीज, कार से 5 लाख रुपये भी बरामद, वाजे करते थे इस्‍तेमाल
Photo Credit: ANI

मुंबई : उद्योगपति मुंकेश अंबानी के आवास के पास जिलेटिन से भरे SUV की बरामदगी मामले में जांच कर रही एनआईए को एक मर्सिडीज कार मिली है। जांच एजेंसी का कहना है कि इसे गिरफ्तार अधिकारी सचिन वाजे इस्तेमाल करते थे। कार से पांच लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। एनआईए ने इसे जब्‍त कर दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि वाजे के दफ्तर से कुछ 'आपत्तिजनक दस्‍तावेज' भी बरामद किए गए हैं।

मामले की जांच कर रही एनआईए ने वाझे के दफ्तर की तलाशी लेने के बाद मंगलवार देर रात इस बारे में जानकारी दी। तलाशी सोमवार शाम करीब 8 बजे शुरू हुई थी, जो मंगलवार सुबह 4 बजे तक चलती रही। बाद में एनआईए के महानिरीक्षक अनिल शुक्ला ने बताया कि सीएसएमटी स्टेशन के पास पार्किंग से एक काली मर्सिडीज कार जब्त की गई है, जिसका इस्‍तेमाल वाजे करते थे। हालांकि यह कार किसकी है, इसकी जांच अभी होनी है।

उन्होंने बताया कि कार से पांच लाख रुपये नकद, नोट गिनने की एक मशीन, दो नंबर प्लेट और कुछ कपड़े बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्‍त वाजे के दफ्तर की तलाशी के दौरान वहां से कुछ 'आपत्तिजनक दस्तावेज' और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे लैपटॉप, आई-पैड और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। एनआईए ने मामले में अभी तक सहायक पुलिस आयुक्त सहित अपराध शाखा के सात अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं।

क्‍या है मामला?

यहां उल्‍लेखनीय है कि मुकेश अंबानी के आवास के पास 25 फरवरी को एक स्‍कॉर्पियो से जिलेटिन की 20 छड़ें बरामद की गई थीं। पुलिस ने बताया कि यह वाहन ऑटो पार्ट्स के डीलर मनसुख हिरेन का था, जो 18 फरवरी को चोरी हो गया था। हालांकि 10 दिन बाद ही 5 मार्च को ठाणे जिले में संदिग्‍ध परिस्थितियों में मनसुख हिरेन का शव बरामद किया गया, जिसके बाद मामले में रहस्‍य और गहरा गया और सचिन वाजे पर सवाल उठने लगे।

दरअसल, मनसुख हिरेन की पत्‍नी ने अपने पति की हत्‍या के लिए सचिन वाजे को जिम्‍मेदार ठहराया है। उन्‍होंने इस मामले में एफआई भी दर्ज कराई। इसे लेकर बीजेपी भी महाराष्‍ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ हमलावर रही। बढ़ते दबाव के बीच सचिन वाजे को मुंबई की क्राइम ब्रांच के सीआईयू से संबद्ध कर दिया गया था। बाद में इस मामले में 13 मार्च को उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया।

वाजे ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए अदालत में इसे चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने मंगलवार को वाजे की वह अर्जी खारिज कर दी। 

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