UP Assembly Elections 2022: सपा के हुए बीएसपी के 6 बागी एमएलए, बीजेपी विधायक भी शामिल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 30, 2021, 01:57 PM IST

बीएसपी के 6 बागी विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा बीजेपी के एक विधायक राकेश राठौड़ भी समाजवादी पार्टी के साथ हैं।

UP Assembly Elections 2022: सपा के हुए बीएसपी के 6 बागी एमएलए, बीजेपी विधायक भी शामिल

समाजवादी पार्टी ने बीएसपी को जोरदार झटका दिया है। बीएसपी के 6 बागी विधायकों मे समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। इसके साथ ही बीजेपी के खिलाफ बयान देने वाले राकेश राठौड़ ने भी समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। बीएसपी के बागी विधायकों ने कहा कि उन लोगों को बिना किसी वजह निलंबित किया गया था। वो लोग वर्षों से पार्टी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। बीजेपी विधायक के शामिल होने पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को अब मेरा परिवार..भाजपा परिवार की जगह, मेरा परिवार..भागता परिवार कहना चाहिए। इसके साथ यह भी कहा कि बीजेपी के मंत्रियों को अपने घरों की सफाई भी करा लेनी चाहिए ताकि नई सरकार के आने के बाद सबूत के तौर पर कुछ भी ना मिले। 

'बदलाव का मन बना चुकी है जनता'
सपा में शामिल होने वाले बीएसपी विधायकों का कहना है कि निलंबन के दौरान जितना सम्माम समाजवादी पार्टी की तरफ से मिला उतना सम्मान कहीं नहीं मिला। आज प्रदेश की जनता बदलाव पर मुहर लगाना चाहती है और जनता की इच्छा और आकांक्षाओं को देखते हुए उन लोगों ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। आज प्रदेश जिस तरह से चलाया जा रहा है उसमें आम लोगों से लेना देना नहीं है। कुछ मुट्ठी भर लोग एसी कमरों में फैसला लेते हैं। महंगाई की वजह से जनता बेहाल है, सरकार सिर्फ बातों के जरिए सुराज के सपने दिखा रही है। 

क्या कहते हैं जानकार
जानकारों का कहना है कि चुनावी मौकों पर इस तरह की टूट फूट का अब असर नहीं पड़ता है। अगर ऐसा होता तो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी दोबारा चुनाव जीत कर नहीं आती। दरअसल चुनावी मौके पर विधायकों और नेताओं के दलबदल की रफ्तार इसलिए तेज हो जाती है क्योंकि उन्हें लगता है कि शायद उन्हें टिकट ना मिले या भविष्य सुरक्षित ना हो। इसके अलावा राजनीतिक दल यह संदेश देते हैं कि उनके खिलाफ वाला दल कमजोर पड़ चुका है और एक मात्र उनका ही दल है जिसके हाथों में प्रदेश सुरक्षित रहेगा। इसे आप कह सकते हैं कि यह संदेश देने की कोशिश की जाती है कि अगली सरकार उनकी बनने जा रही है। 

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