कोविड प्रबंधन की टीम-09 को CM योगी ने दिए निर्देश - NCR के जिलों को रखा जाए अलर्ट मोड पर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 16, 2022, 12:19 PM IST

प्रदेश की सीमा से लगे कुछ राज्यों में बीते कुछ दिनों से कोविड के केस में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एनसीआर के जिलों में भी इसका असर है।

कोविड प्रबंधन की टीम-09 को CM योगी ने दिए निर्देश - NCR के जिलों को रखा जाए अलर्ट मोड पर

लखनऊ: पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में एनसीआर से लगे नोएडा और गाजियाबाद में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं जिसे देखते हुए सरकार अलर्ट हो गई है। प्रदेश में कोरोना मैनेजमेंट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए हैं।  गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 70 और गाजियाबाद में 11 पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। सीएम योगी ने आदेश दिया हैकि वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत पूरे एनसीआर को अलर्ट मोड में रखा जाए।

कराई जाएगी जीनोम सीक्वेंसिंग

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में कोविड पॉजिटिव पाए गए मरीजों के सैम्पल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जाए। सीएम ने आदेश दिया है कि इन जिलों के डीएम, सीएमओ से संवाद कर स्थिति की गहन समीक्षा की जाए।  प्रदेश में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 507 है। विगत 24 घंटों में 73 हजार 881 कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 106 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 37 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। सीएम योगी ने कहा कि हमें पूरी सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी।

सीएम के आदेश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, 'कोविड टीकाकरण का हमारा महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। 30 करोड़ 56 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही अब तक 103 से ज्यादा वयस्क आबादी को टीके की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 86% लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 12 से 14 और 15 से 17 आयु वर्ग के टीकाकरण की प्रगति संतोषप्रद है। इसे और तेज किया जाए। 18+ आयु के लोगों को बूस्टर डोज दिए जाने का कार्य में तेजी की अपेक्षा है। 700 निजी टीकाकरण केंद्र पर बूस्टर डोज लगवाया जा सकता है। इन टीकाकरण केंद्रों और बूस्टर डोज की महत्ता के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी नागरिक टीकाकवर से वंचित न रहे।'

तत्परता से हो कार्य

सरकार ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि संचारी रोग और दस्तक अभियान को पूरी तत्परता के साथ संचालित किया जाए। बरेली मंडल में मलेरिया पर फोकस रखें तो आगरा, लखनऊ मंडलों में डेंगू से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस के लिए घर-घर लोगों से संपर्क कर जागरूक करें। दरअसल आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी विकास खंडों में विशेष स्वास्थ्य मेलों का आयोजन प्रारंभ हो रहा है। 18 से 23 अप्रैल की अवधि में आयोजित इन मेलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी रहे।

इसके अलावा जो निर्देश जारी किए गए हैं वो इस प्रकार हैं-

  1. धान और गेहूं की तर्ज पर बाजरा की खरीद के लिए भी नीति तैयार करें। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले, समय पर भुगतान हो, उनकी आय में बढ़ोतरी हो। यह सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है। इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
  2. खाद्यान्न प्रोक्योरमेंट के लिए और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है। कृषि उपज का एक भी दाना खराब न हो, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर नए गोदाम बनाए जाने की जरूरत है। इस दिशा में ठोस प्रयास किया जाए। 
  3. खेती-किसानी में लोगों को अधिकाधिक सुविधा मिले, इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर खाद-बीज के भंडारण व वितरण के लिए कार्ययोजना तैयार करें। प्रदेश के सभी गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्था सुचारु रखी जाए। हरा चारा-भूसा आदि के समुचित प्रबंध हों। इन दिनों गेहूं की कटाई चल रही है। ऐसे में पशु चारे की खरीद अभी कर लेना उचित होगा।

आपको बता दें कि 15 करोड़ गरीब जनता के सुचारु भरण-पोषण के लिए प्रदेश सरकार मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। केंद्र सरकार की ओर से भी मुफ्त राशन दिया जा रहा है। राशन के अतिरिक्त दाल, नमक और खाद्य तेल भी दिया जा रहा है। अंत्योदय कार्ड धारकों को चीनी भी मुफ्त दी जा रही है।

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