UP New DY CM: कौन हैं 'ब्रजेश पाठक' जो बने हैं यूपी के नए डिप्टी सीएम, बसपा से बीजेपी ऐसी रही है राजनीतिक यात्रा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 25, 2022, 06:24 PM IST

Brajesh Pathak profile: योगी कैबिनेट में ब्रजेश पाठक यूपी के नए डिप्टी सीएम बने हैं उन्होंने दिनेश शर्मा का स्थान लिया है, जानें उनकी राजनीतिक यात्रा..

UP New DY CM: कौन हैं 'ब्रजेश पाठक' जो बने हैं यूपी के नए डिप्टी सीएम, बसपा से बीजेपी ऐसी रही है राजनीतिक यात्रा

up new dy cm Brajesh Pathak:उत्तर प्रदेश को इस बार नया उप मुख्यमंत्री मिला है जी हां ब्रजेश पाठक को ये अहम जिम्मेदारी मिली है, गौर हो कि उनका लंबा राजनीतिक जीवन रहा है,  पिछली बार के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की जगह इस बार ब्रजेश पाठक को सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बताया जाता है कि हाल ही में पहले केंद्रीय नेतृत्व के बीच ब्रजेश पाठक के नाम पर चर्चा हुई और उनका कद बढ़ाकर उप-मुख्यमंत्री बना दिया गया है, गौर हो कि ब्रजेश पाठक उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के कद्दावर नेता माने जाते हैं।

ब्रजेश पाठक ने लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी के राजू गांधी को 39 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है लखनऊ कैंट विधानसभा ब्राह्मण बाहुल्य सीट है, बताते हैं कि आजादी के बाद से सिर्फ चार बार इस गैर ब्राह्मण प्रत्याशियों को यहां से जीत मिल पाई है। 

2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले थामा बीजेपी का दामन

फिर 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने वाला था उससे पहले 22 अगस्त, 2016 को पाठक तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें लखनऊ सेंट्रल से अपना उम्मीदवार बनाया और पाठक नेयह सीट जीत ली। इसका पुरस्कार पार्टी ने उन्हें मंत्री बनाकर दिया। वो कानून मंत्री बनाए गए, फिर कैबिनेट विस्तार में उनका मंत्रालय बदलकर विधायी, न्याय और ग्रामीण इंजीनियरिंग सर्विस कर दिया गया।

उन्हें छात्र जीवन में ही राजनीति के प्रति आकर्षण हुआ

25 जून 1964 को हरदोई जिले में जन्मे ब्रजेश पाठक ने कानून की पढ़ाई की है उन्हें छात्र जीवन में ही राजनीति के प्रति आकर्षण हुआ और आज वो  प्रदेश के बड़े ब्राह्मण नेताओं में शुमार किए जाते हैं। उन्होंने वर्ष 1989 में लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष का चुनाव जीता, फिर 1990 में वह अध्यक्ष बन गए। 12 साल बाद वर्ष 2002 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया था। पार्टी ने 2002 के विधानसभा चुनाव में उन्हें उनके गृह नगर मल्लावां विधानसभा सीट से टिकट भी दे दिया, लेकिन वो चुनाव हार गए।

बृजेश पाठक ने बसपा का दामन थामा और शुरू हुआ सफलता का सिलसिला

बृजेश पाठक ने 2004 में कांग्रेस का साथ छोड़ बसपा के हो गए, पार्टी ने उन्हें 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्नाव सीट से उतारा, इस बार उन्हें जीत हासिल हुई और वह संसद पहुंच गए बीएसपी में पाठक ने तेजी से अपनी पैठ जमाई और वह सदन में पार्टी के उपनेता बन गए और साल 2009 में उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेज दिया और सदन में पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया गया।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!