Covid 19 : यूपी में औसतन सवा 2 लाख टेस्ट हर दिन, रिकवरी दर हो रही बेहतर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 7, 2021, 11:07 PM IST

उत्तर प्रदेश में महज एक सप्ताह की अवधि में 55,000 एक्टिव केस कम हुए हैं। 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार पॉजिटिव केस आये थे, तब से नए केस में लगातार गिरावट आ रही है।

Covid 19 : यूपी में औसतन सवा 2 लाख टेस्ट हर दिन, रिकवरी दर हो रही बेहतर
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लखनऊ : कोरोना के खिलाफ पूरे दम-खम से लड़ रहा उत्तर प्रदेश के लिए यह खबर राहत भरी है। बीते सात दिनों में यहां 50 हजार एक्टिव कोविड केस कम हुए हैं, जबकि रिकवरी दर हर दिन बेहतर होती जा रही है। यह हाल तब है जबकि प्रदेश में टेस्टिंग का महाभियान जारी है और हर दिन औसतन सवा दो लाख टेस्ट हो रहे हैं।

आंकड़ों की गवाही लें तो बीते 30 अप्रैल को कुल 03 लाख 10 हजार केस एक्टिव थे। यह कोरोना काल में अब का सर्वाधिक एक्टिव केस का आंकड़ा है। वही 07 मई को महज एक सप्ताह की अवधि में 55,000 एक्टिव केस कम हुए हैं। 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार पॉजिटिव केस आये थे, तब से नए केस में लगातार गिरावट आ रही है। साथ ही, स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। रिकवरी दर बेहतर होती जा रही है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विगत 24 घंटे में 2,41,403 कोविड टेस्ट किए गए हैं। इसी अवधि में 28,076 नए पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई है, जबकि 33,117 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में 2,54,118 कुल एक्टिव केस हैं। इनमें 1,98,857 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं।

एक्टिव केस में गिरावट और बेहतर होते रिकवरी दर को संतोषजनक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-09 को टेस्टिंग क्षमता को और बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए गांव-गांव टेस्टिंग का महा अभियान चल रहा है। लोग इसमें सहयोग कर रहे हैं। निगरानी समितियां घर-घर जाएं, स्क्रीनिंग करें, होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराएं। लक्षणयुक्त लोगों के बारे में आरआरटी को सूचना देकर उनका एंटीजन टेस्ट कराया जाए। डीएम और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि टेस्ट की यह प्रक्रिया गांव में ही हो। सीएचसी/पीएचसी पर जाने की कोई अवश्यकता नहीं है। आरआरटी की संख्या में तीन से चार गुना बढ़ोतरी के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। कांटेक्ट ट्रेसिंग और बेहतर करने की जरूरत है।

हर मरीज को जरूर मिले मेडिकल किट

मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को समय से मेडिकल किट जरूर दी जाए।मुख्य सचिव कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी समीक्षा की जाए। निगरानी समितियां जिन लोगों को मेडिकल किट दें उनका विवरण आईसीसीसी को उपलब्ध कराएं। आईसीसीसी इसका सत्यापन करे। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन से इसका पुनरसत्यापन किया जाए। बीते सप्ताह से एक ओर जहां नए कोविड केस कम आ रहे हैं, वहीं, कोरोना से लड़ाई जीत कर स्वस्थ होने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। प्रदेश मे एक्टिव केस थे, जो 05 मई को घटकर रह गए हैं। बेहतरी की यह स्थिति तब है जबकि यूपी ने कोविड टेस्टिंग के लिए मुहिम छेड़ रखी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश पूर्ण तालाबंदी की ओर नहीं जाएगा और पूरी सख्ती के साथ आंशिक कोरोना कर्फ्यू की नीति जारी रहेगी। टीम-09 के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू में प्रदेशवासियों का अच्छा सहयोग मिल रहा है, इसके परिणाम संतोषप्रद हैं।मुख्यमंत्री ने अलग-अलग अवसरों पर इस बात पर जोर दिया है कि प्रदेश सरकार लोगों के जीवन और जीविका दोनों की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जहां बीते 03-04 हफ्तों से पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है, वहां संक्रमण दर को लेकर कोई बहुत उत्साहजनक नहीं देखने को मिले। यही नहीं टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट की नीति के अनुसार यूपी ने अब तक जहां 4.26 करोड़ टेस्ट किये हैं वहीं विभिन्न राज्यों में टेस्टिंग को लेकर भी उदासीनता का रवैया देखने को मिल रहा है। बता दें कि यूपी में हर दिन औसतन सवा दो लाख कोविड टेस्ट किये जा रहे हैं। बीते 01 मई को नया रिकॉर्ड बनाते हुए प्रदेश में 02 लाख 96 हजार टेस्ट किये गए।
 

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