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Safar Par Shayari: जिंदगी यूं हुई बसर तन्हा, काफिला साथ और सफर तन्हा.., मंजिल से ज्यादा रास्ते को खूबसूरत बताते सफर पर 15 मशहूर शेर

Safar Shayari: रेलगाड़ी की खिड़की से भागते खेत हों, पहाड़ों की घुमावदार सड़कें हों या फिर हवाई जहाज की खिड़की से झांकता आसमान, हर सफर हमें जिंदगी का नया नजरिया देता है। इसी सफर पर बहुत से मशहूर शायरों ने कई खूबसूरत शेर लिखे हैं। इन शेरों की खासियत ये है कि ये आपको सफर के हर पहलू से रूबरू करवाते हैं।

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सफर पर शायरी (Photo: You Tube)

Safar Shayari in Hindi: किसी ने क्या खूब कहा है कि जिंदगी का सफर ऐसा सफर है जिसमें मंजिल से ज्यादा रास्ते मायने रखते हैं। दरअसल सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि यह अनुभवों का वो पुल है जो हमें दुनिया और खुद से जोड़ता है। जब हम सफर पर निकलते हैं, तो रास्ते में मिलने वाले नजारे, लोग और पल हमारी यादों का हिस्सा बन जाते हैं। इसी सफर पर बहुत से मशहूर शायरों ने कई खूबसूरत शेर लिखे हैं। इन शेरों की खासियत ये है कि ये आपको सफर के हर पहलू से रूबरू करवाते हैं। आइए पढ़ते हैं सफर पर लिखे कुछ मशहूर शेर:

1. ज़िंदगी यूं हुई बसर तन्हा

क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा

- गुलज़ार

2. मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर

लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया

- मजरूह सुल्तानपुरी

3. किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल

कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

- अहमद फ़राज़

4. इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई

हम न सोए रात थक कर सो गई

- राही मासूम रज़ा

5. मुझे ख़बर थी मिरा इंतिज़ार घर में रहा

ये हादसा था कि मैं उम्र भर सफ़र में रहा

- साक़ी फ़ारुक़ी

6. न मंज़िलों को न हम रहगुज़र को देखते हैं

अजब सफ़र है कि बस हम-सफ़र को देखते हैं

- अहमद फ़राज़

7. मैं लौटने के इरादे से जा रहा हूँ मगर

सफ़र सफ़र है मिरा इंतिज़ार मत करना

- साहिल सहरी नैनीताली

8. डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से

लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

- जावेद अख़्तर

9. सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो

सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो

- निदा फ़ाज़ली

10. है कोई जो बताए शब के मुसाफ़िरों को

कितना सफ़र हुआ है कितना सफ़र रहा है

- शहरयार

11. सफ़र है शर्त मुसाफ़िर-नवाज़ बहुतेरे

हज़ार-हा शजर-ए-साया-दार राह में है

- हैदर अली आतिश

12. सफ़र में ऐसे कई मरहले भी आते हैं

हर एक मोड़ पे कुछ लोग छूट जाते हैं

- आबिद अदीब

13. एक सफ़र वो है जिस में

पाँव नहीं दिल थकता है

- अहमद फ़राज़

14. किस की तलाश है हमें किस के असर में हैं

जब से चले हैं घर से मुसलसल सफ़र में हैं

- आशुफ़्ता चंगेज़ी

15. सफ़र में कोई किसी के लिए ठहरता नहीं

न मुड़ के देखा कभी साहिलों को दरिया ने

- फ़ारिग़ बुख़ारी

उम्मीद करते हैं कि सफर पर लिखे ये शेर आपको जरूर पसंद आए होंगे। हमेशा याद रखें कि रेलगाड़ी की खिड़की से भागते खेत हों, पहाड़ों की घुमावदार सड़कें हों या फिर हवाई जहाज की खिड़की से झांकता आसमान, हर सफर हमें जिंदगी का नया नजरिया देता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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