Premanand Ji Maharaj Motivational Quotes In Hindi: जीवन की उतार-चढ़ाव में अक्सर इंसान हताश और निराश हो जाता है। ऐसे में हर किसी को मोटिवेशन की जरूरत होती है। किसी के एक प्रेरणादायक विचार आपका दिन में नई ऊर्जा भर देते हैं। वहीं, अगर हम अपने दिन की शुरुआत मोटिवेशन कोट्स से करें तो पूरे दिन मन सकारात्मक रहता है। मोटिवेशन कोट्स हमें निगेटिविटी से दूर रखते हैं। वृंदावन वाले प्रेमानंद जी महाराज के बारे में तो आपने सुना ही होगा। महाराज के प्रवचन देशभर में मशहूर हैं। प्रेमानंद जी महाराज की बातें सुनने विराट कोहली जैसे बड़े बड़े सेलेब्रिटी भी आते हैं। महाराज अपने प्रवचन में जीवन से जूड़ी कई ऐसी बातें बताते हैं, जिन्हें मानकर आप अपने जीवन को पूरी तरह बदल सकते हैं। आज हम आपके लिए प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के मोटिवेशनल कोट्स लेकर आए हैं।
Premanand Ji Maharaj Motivational Quotes In Hindi, Premanand Govind Sharan Ji Maharaj Thoughts On Life-
1) क्रोध को शांत करने के लिए एक ही उपाय है बजाय यह सोचने के कि उसका हमारे प्रति क्या कर्तव्य है? हम यह सोचें कि हमारा उसके प्रति क्या कर्तव्य है
2) कौन क्या कर रहा है इस पर ध्यान मत दो केवल हमे सुधरना है इसपर ध्यान दो।
3) सभी समस्याओं से सुलझाने का एक मात्रा उपाय है प्रभु को अपना वास्तविक मान लो, उनकी जगह पर किसी को मत बैठा लो।
Premanand Govind Sharan Ji Maharaj Hindi Quotes
4) कोई व्यक्ति तुम्हें दुख नहीं देता तुम्हारे कर्म उस व्यक्ति के द्वारा दुख के रूप में प्राप्त होते हैं।
5) इस भौतिक संसार में किसी के पास आपको पकड़ने की शक्ति नहीं है, आप ही हैं जो पकड़ते हैं और आप ही हैं जिन्हें छोड़ना है।
6) क्रोध से आज तक कभी किसी का मंगल नहीं हुआ है यह आपके समस्त गुणों का नाश कर देता है इसलिए क्रोध की संगति से दूर रहें।
Premanand Ji Maharaj Inspirational Thoughts
7) जीवन में माता-पिता से बड़ा स्थान किसी का नहीं होना चाहिए। अगर आप उनकी सेवा करते हैं तो सफलता और सुख आपके द्वार पर खुद आते हैं।
8) हमें सच्चा प्रेम प्रभु से प्राप्त होता है किसी व्यक्ति से क्या होगा, कोई व्यक्ति हमसे प्यार कर ही नहीं सकता क्योंकि वो हमे जानता ही नहीं तो कैसे करेगा।
9) अगर हमको अपने मन को शांत करना है मन को स्थिर करना है तो एक उपाय है प्रभु के चरणों का दृढ़ता पूर्वक आश्रय और नाम जप करे।
10) इतना सामर्थ्य किसी तीर्थ में, किसी पर्व में, किसी महोत्सव में नहीं है, जितना प्रभु के नाम में है, इसलिए प्रभु के नाम में डूब जाओ।
