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Heartbreak Shayari: प्यार में मिले दर्द पर मरहम से हैं ये खूबसूरत शेर, पढ़ें टूटे हुए दिलों के लिए 20 बेहतरीन शेर

Heart Break Shayari: प्यार में दिल टूटना बेहद आम है। बहुत से लोग हैं जिनके दिल टूटे होंगे। कई बार इस टूटे दिल पर मरहम की तरह असर दिखाती है शायरी। अगर शायरी टूटे दिल पर हो तो फिर क्या ही कहने। आइए पढ़ते हैं इश्क में टूटे दिल पर शायरी:

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प्यार में टूटे दिल पर शायरी, इश्क में धोखे पर शेर, ब्रेकअप शायरी हिंदी में (Photo: Pexels)

Heart Break Shayari in Hindi: प्यार में टूटा हुआ दिल किसी आईने की तरह होता है। वह बाहर से तो चमकता है लेकिन अंदर दरारों से भरा रहता है। दरअसल जब किसी का भरोसा बिखरता है और सपने टूटते हैं, तो वह अजीब से सन्नाटे में डूब जाता है। रातें लंबी और भारी लगने लगती हैं, हर धड़कन जैसे कोई अधूरी कहानी सुनाती है। टूटा दिल इंसान को भीतर से कमजोर भी करता है और गहराई से मजबूत भी। आंसुओं की नमी भले आंखों को नम कर दे, लेकिन यही दर्द हमें निखार भी देता है। प्यार में मिले दर्द से टूटे दिल पर बहुत से शायरों ने एक से बढ़कर एक खूबसूरत नज्में लिखी हैं। आइए पढ़ें टूटे दिल पर 20 मशहूर शेर:

1. रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ

आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ

- अहमद फ़राज़

2. ये मुझे चैन क्यूं नहीं पड़ता

एक ही शख़्स था जहान में क्या

- जौन एलिया

3. हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद

जो नहीं जानते वफ़ा क्या है

- मिर्ज़ा ग़ालिब

4. आंख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा

वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा

- अहमद फ़राज़

5. ऐ दोस्त हम ने तर्क-ए-मोहब्बत के बावजूद

महसूस की है तेरी ज़रूरत कभी कभी

- नासिर काज़मी

6. ज़माने भर के ग़म या इक तिरा ग़म

ये ग़म होगा तो कितने ग़म न होंगे

- हफ़ीज़ होशियारपुरी

7. मुद्दत हुई इक शख़्स ने दिल तोड़ दिया था

इस वास्ते अपनों से मोहब्बत नहीं करते

- साक़ी फ़ारुक़ी

8. वो टूटते हुए रिश्तों का हुस्न-ए-आख़िर था

कि चुप सी लग गई दोनों को बात करते हुए

- राजेन्द्र मनचंदा बानी

9. बद-क़िस्मती को ये भी गवारा न हो सका

हम जिस पे मर मिटे वो हमारा न हो सका

- शकेब जलाली

10. इलाज-ए-दर्द-ए-दिल तुम से मसीहा हो नहीं सकता

तुम अच्छा कर नहीं सकते मैं अच्छा हो नहीं सकता

- मुज़्तर ख़ैराबादी

11. हो दूर इस तरह कि तिरा ग़म जुदा न हो

पास आ तो यूँ कि जैसे कभी तू मिला न हो

- अहमद फ़राज़

12. ये हमीं हैं कि तिरा दर्द छुपा कर दिल में

काम दुनिया के ब-दस्तूर किए जाते हैं

- अज्ञात

13. ये बात तर्क-ए-तअल्लुक़ के बाद हम समझे

किसी से तर्क-ए-तअल्लुक़ भी इक तअल्लुक़ है

- अज्ञात

14. दिल सरापा दर्द था वो इब्तिदा-ए-इश्क़ थी

इंतिहा ये है कि 'फ़ानी' दर्द अब दिल हो गया

- फ़ानी बदायुनी

15. कुछ दिन के बा'द उस से जुदा हो गए 'मुनीर'

उस बेवफ़ा से अपनी तबीअत नहीं मिली

- मुनीर नियाज़ी

16. उस ने आवारा-मिज़ाजी को नया मोड़ दिया

पा-ब-ज़ंजीर किया और मुझे छोड़ दिया

- जावेद सबा

17. शौक़ चढ़ती धूप जाता वक़्त घटती छांव है

बा-वफ़ा जो आज हैं कल बे-वफ़ा हो जाएँगे

- आरज़ू लखनवी

18. तिरे सुलूक का ग़म सुब्ह-ओ- शाम क्या करते

ज़रा सी बात पे जीना हराम क्या करते

- रईस सिद्दीक़ी

19. तेरे ही ग़म में मर गए सद-शुक्र

आख़िर इक दिन तो हम को मरना था

- निज़ाम रामपुरी

20. कहते न थे हम 'दर्द' मियाँ छोड़ो ये बातें

पाई न सज़ा और वफ़ा कीजिए उस से

- ख़्वाजा मीर दर्द

उम्मीद करते हैं कि टूटे दिल पर लिखे ये शेर आपको डरूर पसंद आएंगे। दरअसल इन शायरियों का जादू ही ऐसा है कि प्यार में मिले जख्मों पर मरहम से काम करते हुए ये उसके भर देते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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