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कैसे तय किया जाता है Army, Navy और Air Force की यूनिफॉर्म का कलर ? हर रंग का है खास मतलब, डिटेल में जानें

Indian Army, Navy, Air Force Uniform Colour: भारतीय सेनाओं के अंतर्गत आने वाली तीनों प्रमुख सेनाओं (जल, थल, वायु सेना) में हर किसी के पद के हिसाब से वर्दी का रंग अलग है। आइए जानते हैं सेना के जवानों की वर्दी के बारे में कुछ रोचक बातें:

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भारतीय सेना वर्दी का रंग।

Indian Army, Navy, Air Force Uniform Colour: आत्‍मनिर्भर भारत का संकल्‍प लेकर भारत दुनिया में अपनी काबिलियत का परचम लहरा रहा है। साइंस, टेक्‍नोलॉजी से लेकर डिफेंस और मेडिकल सेक्‍टर में भारत ने अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है। ये तो सर्वविदित है कि, देश के सभी सेक्‍टर्स में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाला क्षेत्र डिफेंस यानी रक्षा क्षेत्र ही है। भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं की बात करें तो इनके अंतर्गत थल सेना, नौसेना और वायुसेना आते हैं। आज हम आपको तीनों सेनाओं की वर्दी के रंग को चुनने, उसके महत्‍व और उनके प्रतीक के बारे में बताएंगे। जहां एक ओर भारतीय सेना की यूनिफॉर्म ऑलिव ग्रीन रंग की है तो वहीं नौसेना की वर्दी व्‍हाइट और एयरफोर्स की वर्दी लाइट ब्लू रंग की होती है। गौरतलब है कि, तीनों सेनाओं के सैन्‍यकर्मियों की यूनिफॉर्म का रंग चुनने का अधिकार सम्‍बन्धित सैन्‍य दल का है। ऐसा समझ लें कि थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सैन्‍यकर्मी किस रंग की वर्दी पहनेंगे ये चुनाव करने का स्‍वतंत्र और पूर्ण अधिकार सम्‍बन्धित सैन्‍य दल का है।

भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं का स्‍थान

भारत के रक्षा क्षेत्र में हो रहे क्रान्तिकारी बदलाव के कारण अब तीनों भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं का दुनिया भर में डंका बज रहा है। जहां एक ओर भारतीय वायुसेना विश्‍व की तीसरी सबसे मजबूत वायुसेना है तो वहीं, भारतीय थल सेना विश्‍व में चौथे नंबर है। इसके अलावा भारतीय नौसेना मजबूती के मामले में विश्‍व में सातवें नंबर पर है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय थल सेना में 21 लाख से ज्यादा, वायुसेना में 3.10 लाख से ज्यादा और नौसेना में 1.42 लाख से ज्यादा सैन्‍यकर्मी हैं। आपको ये भी बताते चलें कि, भारत के बाद पांचवें नंबर पर दक्षिण कोरिया, छठे नंबर पर ब्रिटेन, सातवें नंबर पर जापान, आठवें पर तुर्किए, नौवें नंबर पर पाकिस्तान और 10वें नंबर पर इटली की सेना है। आइए अब जानते हैं भारतीय सेनाओं की वर्दी के बारे में:

भारतीय सेना की वर्दी के प्रकार

आर्मी में 7 तरह की वर्दी।

आर्मी में 7 तरह की वर्दी।

भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं में पहला स्‍थान थल सेना का है। इसके अंतर्गत सात प्रकार की यूनिफॉर्म आती हैं। जिसके नाम क्रमश: इस प्रकार हैं- सर्विस यूनिफॉर्म, कॉम्बेट यूनिफॉर्म, सेरेमोनियल यूनिफॉर्म, मेस ड्रेस, जंगल यूनिफॉर्म, विंटर यूनिफॉर्म और पीटी ड्रेस। हर यूनिफॉर्म को पहनने का एक खास मौका होता है। जैसे- सर्विस यूनिफॉर्म परेड और आधिकारिक कार्यों में पहनी जाती है। फील्ड प्रैक्टिस और कॉम्बेट ऑपरेशन के दौरान कॉम्बेट यूनिफॉर्म, गणतंत्र दिवस परेड पर सेरेमोनियल यूनिफॉर्म, डिनर और रिसेप्शन में मेस ड्रेस, जंगल अभियानों के दौरान जंगल ड्रेस, सर्दियों के महीनों में विंटर ड्रेस एवं एक्‍सरसाइज के दौरान पीटी ड्रेस पहनी जाती है।

भारतीय सेना में वर्दियों का रंग

भारतीय थल सेना की सातों वर्दियों का रंग अलग-अलग होता है। हर मौके और कार्य के लिए पहने जाने के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड है और हर रेजिमेंट के लिए वर्दी का रंग अलग है। प्रत्‍येक सैन्‍यकर्मी के लिए इनका पालन करना अनिवार्य है। ऐसे जानें यूनिफॉर्म का रंग:

  • सर्विस यूनिफॉर्म: इसमें खाकी रंग की शर्ट और पैंट, काले चमड़े के जूते और एक टोपी शामिल होती है।
  • कॉम्बेट यूनिफॉर्म: इसमें एक कैमोफ्लाज पैटर्न वाली शर्ट और पैंट के साथ-साथ एक मैचिंग टोपी, हेलमेट और कॉम्बेट बूट्स भी शामिल होते हैं।
  • सेरेमोनियल यूनिफॉर्म: इसमें एक सफेद ड्रेस जैकेट, सफेद पैंट, काले चमड़े के जूते और एक काली पगड़ी शामिल होती है।
  • मेस ड्रेस: इसमें एक काली जैकेट और पैंट के साथ एक सफेद ड्रेस शर्ट और काली बो टाई भी पहनी जाती है।

जंगल यूनिफॉर्म: इसमें हरे रंग की शर्ट और पैंट के साथ कैमोफ्लाज हैट और जंगल बूट्स भी पहने जाते हैं।

विंटर यूनिफॉर्म: इस यूनिफॉर्म में एक मोटा ऊनी स्वेटर, जैकेट और पैंट के साथ एक टोपी और दस्ताने शामिल होते हैं।

पीटी ड्रेस: इसमें ग्रे रंग की शर्ट और पैंट के साथ रनिंग शूज शामिल होते हैं।

नौसेना की यूनिफॉर्म का रंग

जैसा कि हमने आपको बताया कि, नौसेना में तैनात सैन्‍यकर्मियों की ड्रेस का रंग सफेद होता है। दरअसल, सफेद शांति का रंग है लेकिन नौसेना के लिए यह शक्ति और प्रभुत्व का रंग है। इनकी

यूनिफॉर्म पर गोल्‍डन स्‍ट्रैप्‍स होती हैं। बता दें कि, पुराने समय में कपड़ा बनाने के लिए कपास का काफी उपयोग होता था और उस समय वही एकमात्र सामग्री उपलब्‍ध थी इसलिए इसकी ड्रेस सफेद हुई। सफेद वर्दी सात समुद्रों के एकीकरण का संकेत देती है और सफेद इंद्रधनुष के रंगों का एक संयोजन भी है।

नौसेना की सफेद वर्दी की वजह

नेवी की वर्दी सफेद क्‍यों ?

नेवी की वर्दी सफेद क्‍यों ?

भारतीय नौसेना की सफेद रंग की वर्दी के पीछे और कई वजहें हैं। दअसल, जहाज पर ब्लैकआउट की स्थिति में सफेद वर्दी की खोज आसानी से हो सकती है और वर्दी का ये रंग बचाव प्रदान करने में मदद करता है। समुद्र के नीले पानी के बीच प्रकाश में इस रंग को दूर से देखा जा सकता है। सबसे खास बात है कि, सफेद रंग ऊष्मा का एक बड़ा रिफ्लेक्टर है तभी ये सूर्य के प्रकोप से रक्षा भी करता है और शरीर में कुछ ठंडक बनाए रखता है।

एयरफोर्स की यूनिफॉर्म का रंग

एयरफोर्स की वर्दी का रंग।

एयरफोर्स की वर्दी का रंग।

भारतीय वायुसेना की यूनिफॉर्म का कलर आसमानी यानी लाइट ब्लू होता है। ये रंग 1920 में नवगठित ब्रिटिश रॉयल एयरफोर्स को जारी की गई वर्दी के रंग से प्रेरित है। एयरफोर्स की ड्रेस के कपड़े में 67% पॉलिएस्टर और 33% विस्कोस मिश्रण होता है। वायुसेना की वर्दी हल्के नीले या सफ़ेद बटन-अप शर्ट और टाई के साथ गहरे नीले रंग की होती है। गौरतलब है कि, ये वर्दी वैश्विक परिदृश्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए बनाई गई है। आपको ये भी बता दें कि, एयरफोर्स की वर्दी काआकाश का प्रतिनिधित्व करता है और स्वतंत्रता, विश्वास और व्यावसायिकता से जुड़ा होता है। नीला भी एक शांत रंग है जो फोकस और स्पष्टता की भावना पैदा करने में मदद कर सकता है, जो पायलटों और अन्य वायु सेना कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि, भारत की तीनों प्रमुख सेनाओं में की यूनिफॉर्म में बदलाव पहले कई बार हो चुके हैं। आवश्‍यकता के अनुरूप भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना भविष्‍य में भी अपने-अपने क्षेत्र के सैन्‍यकर्मियों की ड्रेस में बदलाव कर सकती हैं। ये अधिकार सम्‍बन्धित सेनाओं के पास ही हैं और उन्‍हीं के उच्‍चाधिकारी रंग से जुड़े बदलाव कर सकते हैं।

(डिस्‍क्‍लेमर: इस खबर में दिए गए सभी तथ्‍य और फैक्‍ट इंटरनेट पर उपलब्‍ध अलग-अलग जानकारी से लिए गए हैं। भविष्‍य में प्रक्रिया में बदलाव संभव है, इसलिए टाइम्‍स नाउ नवभारत इनकी पुष्टि नहीं करता है।)

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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