Black Hole Triple System: अनंत रहस्यों से भरे ब्रह्मांड में खगोलविदों ने एक ऐसा सिस्टम देखा जिसकी कल्पना करना तो बेहद मुश्किल काम था। सुदूर अंतरिक्ष में कैलटेक और एमआईटी के खगोलविदों ने पहली बार 'ब्लैक होल ट्रिपल' प्रणाली को देखा है। यह तीन तारों की अद्भुत प्रणाली है जिसमें से एक ब्लैक होला है। इस खोज से पहले तक माना जा रहा था कि इस ब्लैक होल में दो नहीं, बल्कि महज एक साथी तारा था, लेकिन अब तमाम कल्पनाओं से परे ट्रिपल प्रणाली का नजारा सामने आया।
ब्रह्मांडीय रहस्य
ब्लैक होल को ब्रह्मांड की सबसे रहस्यमयी वस्तुओं में से एक माना जाता है। अभी तक ब्लैक होल को बाइनरी सिस्टम में देखा गया था जिसका मतलब है कि एक ब्लैक होल और दूसरा तारा या न्यूट्रॉन या कुछ और आसमानी वस्तु हो सकती है और बाइनरी सिस्टम के तहत ये एक-दूसरे की परिक्रमा लगाते हैं, लेकिन पहली बार 'ब्लैक होल ट्रिपल' प्रणाली की खोज हुई है।
क्या है 'ब्लैक होल ट्रिपल' प्रणाली में अलग
ब्लैक होल ट्रिपल प्रणाली में एक ब्लैक होल तो है ही, लेकिन उसके साथ एक नहीं, बल्कि दो पिंड मौजूद हैं। पृथ्वी से लगभग 7800 प्रकाश वर्ष दूर सिग्नस तारामंडल में यह अद्भुत नजारा मौजूद है। वहां V404 सिग्नी नामक एक प्रणाली में एक ब्लैक होल बार-बार ऐसा व्यवहार कर रहा है जिसने वैज्ञानिकों को विस्मय के साथ ही उत्साहित भी कर दिया।
छोटे तारे को निगल रहा ब्लैक होल
V404 सिग्नी प्रणाली में मौजूद केंद्रीय ब्लैक होल अपने पास नाच रहे छोटे तारे को निगल रहा है, लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है कि ब्लैक होल के पास एक और तारा भी मौजूद है, जो उसकी परिक्रमा कर रहा है। यह साथी लगभग 70,000 साल में ब्लैक होल की परिक्रमा करता है।
नजदीकी तारा
जबकि नजदीकी तारा महज 6.5 दिनों में ब्लैक होल की परिक्रमा कर लेता है। इन दोनों तारों को देखने के बाद ब्लैक होल की उत्पत्ति को लेकर ही सवाल खड़े होने लगे।
