Kanpur Violence Update: कानपुर हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के खाते में विदेशों से आए करोड़ों रुपए!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 8, 2022, 05:46 PM IST

Kanpur Violence Mastermind Hayat Zafar: कानपुर हिंसा मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा हुआ है, कहा जा रहा है कि आरोपियों की फंडिंग विदेश से होती थी।

Kanpur Violence Update: कानपुर हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी के खाते में विदेशों से आए करोड़ों रुपए!

नई दिल्ली:  कानपुर शहर  में हुई हिंसा में पुलिस की कार्रवाई के बाद एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं अब आशंका जताई जा रहे है कि इस दंगे के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) और उसके साथियों को विदेश से फंडिंग ( foreign funding) की जा रही थी ऐसा जांच में सामने आ रहा है, कहा जा रहा है कि विदेशी फंडिंग का ये सिलसिला पहले से जारी था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इसके लिए कानपुर शहर के एक प्राइवेट बैंक में एक एकाउंट खोला गया था, इस खाते में विदेशों से टुकड़ों में विदेशों से फंडिंग आने का सिलसिला चल रहा था साथ ही इस खाते से पैसे निकासी का क्रम भी चलता रहा और ये लेनदेन भारी रकम का था ऐसा कहा जा रहा है।

कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने यह दावा किया है कि आरोपियों की फंडिंग विदेश से होती थी इसी के चलते मुख्य आरोपी माने जा रहे जफर के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि और ट्रांजेक्शन सामने आ सके। 

कानपुर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी का कनेक्शन!

कानपुर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी का कनेक्शन सामने आया है। दरअसल, समाजवादी पार्टी के नेता एवं कानपुर हिंसा के आरोपी निजाम कुरैशी ने वाट्सअप पर एक ग्रुप बनाया था। टाइम्स नाउ नवभारत ने खबर दिखाई है कि कैसे इस ग्रुप में हिंदू विरोधी बातें कही जा रही हैं। कानपुर में जो हिंसा हुई उसे लेकर भी प्लान बनाया जा रहा था। चैनल की ओर से खबर दिखाए जाने के बाद सपा के दोनों विधायकों अमिताभ वाजपेयी और इरफान सोलंकी ने इस ग्रुप को छोड़ दिया है। ग्रुप में जारी हिंदू विरोधी एवं हिंसा से जुड़ी बातों पर दोनों विधायक चुप थे। इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। इस ग्रुप में बार-बार ये कहा गया है कि हिंदुओं की दुकानों से समान नहीं खरीदना है। इस ग्रुप में साजिशें की जा रही थीं। यही नहीं एसपी के ये दोनों विधायक कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपी जफर हयात के साथ तस्वीर में नजर आए हैं। 

सपा के दोनों विधायकों ने अब इस ग्रुप को छोड़ दिया

टाइम्स नाउ नवभारत ने खबर दिखाई थी कि कैसे इस ग्रुप में हिंदू विरोधी बातें कही जा रही हैं। कानपुर में जो हिंसा हुई उसे लेकर भी प्लान बनाया जा रहा था। चैनल की ओर से खबर दिखाए जाने के बाद सपा के दोनों विधायकों ने अब इस ग्रुप को छोड़ दिया है। इस ग्रुप में ये कहा गया है कि हिंदुओं की दुकानों से समान नहीं खरीदना है। इस ग्रुप में साजिशें की जा रही थीं। यही नहीं एसपी के ये दोनों विधायक कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपी जफर हयात के साथ तस्वीर में नजर आए हैं। अमिताभ वाजपेयी ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्हें पता ही नहीं है कि वह कितने वाट्सअप ग्रुप में हैं। हालांकि, इस ग्रुप के वे एडमिन बने हुए थे। अब सपा की तरफ से डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की जा रही है। 

''टाइम्स नाउ नवभारत'' ने जब इनकी पोल खोली तो ये दोनों नेता इस ग्रुप को लेफ्ट कर गए

कुरैशी वाट्सअप पर 'टीम निजाम कुरैशी' नाम से ग्रुप चलाता था। इस ग्रुप में हिंदू विरोधी और हिंसा भड़काने की बातें कही गई हैं। खास बात यह है कि विधायक अमिताभ वाजपेयी एवं इरफान सोलंकी दोनों इस ग्रुप के एडमिन थे। टाइम्स नाउ नवभारत ने जब इनकी पोल खोली तो ये दोनों नेता इस ग्रुप को लेफ्ट कर गए।    

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