Rajasthan Political crisis: अब जयपुर का फेयरमॉन्ट होटल नहीं जैसलमेर बनेगा कांग्रेसी विधायकों का ठिकाना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 31, 2020, 03:50 PM IST

Rajasthan political crisis: राजस्थान में अशोक गहलोत के पास संख्या बल है जिसका वो दावा करते हैं। लेकिन इसके साथ ही कहीं न कहीं उन्हें डर भी सता रहा है कि कहीं कोशिश बेकार न चली जाए।

Rajasthan Political crisis: अब जयपुर का फेयरमॉन्ट होटल नहीं जैसलमेर बनेगा कांग्रेसी विधायकों का ठिकाना

जयपुर: राजस्थान में सियासी संग्राम अभी थमा नहीं है। सरकार बचाने की कवायद में विधायक फाइव स्टार होटल में कैद हैं और अब उन्हें जैसलमेर ले जाया जाएगा। बताया जा रहा है कि विधायकों को शिकायत थी कि अब वो थोड़ा खुले में निकलना चाहते हैं। इसके लिए चार चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था की गई है जिसमें 96 विधायकों को ले जाया जाएगा। दरअसल एक तरह से 14 अगस्त को विधानसभा सत्र से पहले विधायकों को सहेजने की कवायद चल रही है ताकि संख्या बल के बाद भी सरकार के स्वास्थ्य पर किसी तरह का नकारात्मक असर न पड़े। 

सरकार गिराने की कोशिश हो जाएगी नाकाम
सीएम अशोक गहलोत का कहना है कि सरकार गिराने की कोशिश नाकाम जाएगी। इसके साथ .उन्होंने बागी विधायकों पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर किस्त ना मिली हो तो वो खेमें में चले आएं। दरअसल गहलोत को लगता है कि जितना जल्दी हो सके विश्वासमत को हासिल करना जरूरी है क्योंकि लंबे समय तक विधायकों को इस तरह नहीं रखा जा सकता है। इसके साथ ही बीएसपी विधायकों का मसला भी अहम है ।


14 अगस्त तक शह और मात का खेल रहेगा जारी
जानकार बताते हैं कि जिस तरह से कांग्रेस की तरफ से कवायद की गई है उसे देखते हुए गहलोत को खतरा नहीं है क्योंकि संख्या बल उनके साथ है। लेकिन जिस तरह से बागी विधायकों की तरफ से संकेत आ रहे हैं उसकी वजह से उनका चिंतित होना स्वभाविक है। जहां तक बीजेपी का सवाल है उसके नेता अभी दूर से तमाशा देख रहे हैं। लेकिन अगर गहलोत खेमे की तरफ से कमजोर चाल चली गई तो वो निश्चित तौर पर चौका छक्का लगाएंगे। 

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