देश

#Safe Her: महिलाएं इन बातों का जरूर रखें ख्याल, अपनी सुरक्षा के लिए अपनाएं ये टिप्स

Women Safety Tips: अगर आप भी एक वर्किंग वुमेन हैं या फिर किसी काम के चलते देर सवेर आपको घर से बाहर आना जाना पड़ता है, तो ये खबर आपके लिए है। आपको अपनी सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी टिप्स अपनाने चाहिए। क्योंकि आज के दौर में जुर्म करने वालों की हिम्मत बढ़ती जा रही है, ऐसे में महिलाएं अपनी सेफ्टी के लिए ये खास टिप्स अपना सकती हैं।

Image

महिला सुरक्षा की मुहिम

Awareness for Women Safety: बेटियों और महिलाओं के साथ बदतमीजी करने और बेखौफ होकर जुर्म को अंजाम देने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। क्या आप भी एक वर्किंग वुमेन हैं या किसी काम के चलते घर से बाहर जाती रहती हैं। तो आपको डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपका सावधान रहना जरूरी है। कई बार वर्किंग वुमेन को ऑफिस के काम के चलते भी देर रात घर जाना पड़ता है, जरूरी काम के चलते अकेले घर से निकलना पड़ता है।

घबराएं मत, बल्कि खुद को तैयार रखें

यदि आप भी किन्हीं कारणों से रात में घर से निकलती हैं, तो ऐसी परिस्थितियों में घबरानें की जरूरत नहीं है। बल्कि हालात से निपटने के लिए खुद को तैयार रखना होगा। आपको कुछ सेफ्टी टिप्स के बारे में बताते हैं।

  • सुनसान रास्तों से ना जाने से बचें, कोशिश करें कि रात में अंजान रास्ते पर अकेले ना जाएं।
  • यदि आप रात में ऑफिस से निकल रही हैं, तो घर वालों को इसकी सूचना फोन करके दें।
  • अपने परिवार के किसी सदस्य को अपना लाइव लोकेशन शेयर कर दें।
  • कैब से ट्रेवल करती हैं तो घर वालों के साथ कैब ड्राइवर की डिटेल जरूर शेयर करें।
  • ऑफिस से निकलने से पहले अपने मोबाइल फोन को फुल चार्ज करना ना भूलें।
  • ड्राइवर यदि गलत रास्ते पर ले जा रहा हो तो उसे तुरंत टोके और पुलिस की सहायता लें।
  • रास्ते में कुछ भी अटपटा लगता है तो घबराएं मत, बल्कि शोर मचाकर लोगों को बुलाएं
  • खतरा महसूस होने पर वुमन हेल्पलाइन नंबर 1091 पर संपर्क करें और शिकायत करें।

महिलाएं अपने साथ जरूर रखें ये चीज

सेल्फ डिफेंस के मकसद से महिलाओं के अपने साथ पेपर स्प्रे को हमेशा रखना चाहिए। इसके अलावा वो इलेक्ट्रिक शॉक वाले गन भी रख सकती हैं। सेफ्टी पॉइंट ऑफ व्यू से आप मिर्ची पाउडर और अन्य सुविधानुसार संसाधन रख सकती हैं।

कोलकाता की वीभत्स घटना के बाद एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस अस्पताल में लोग इलाज के लिए जाते हैं, जिंदगी बचाने की आस में पहुंचते हैं। उसी अस्पताल के भीतर महिला डॉक्टर के साथ ही हैवानियत को अंजाम दिया गया। डॉक्टर को भगवान कहा जाता है, जिंदगी बचाने वाली एक महिला चिकित्सक के साथ रेप किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। ऐसी नीच हरकत करने वालों को उसकी सजा जरूर मिलनी चाहिए। देश की हर महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद को तैयार रखना जरूरी है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article