बिहार में आज ही नीतीश कुमार ने पलटी मारी है। बीजेपी के साथ जाकर सरकार बनाए हैं। अब आज से ही इस गठबंधन के टूटने और नीतीश कुमार के पलटी मारे जाने की कहानी सामने आने लगी है। नीतीश कुमार के पूर्व सहयोगी और जनसुराज यात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि विधानसभा चुनाव तक गठबंधन का यह स्वरूप बदल जाएगा।
भाजपा को चुकानी पड़ेगी कीमत?
प्रशांत किशोर ने रविवार को दावा किया कि जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार का भाजपा के साथ नवगठित गठबंधन बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले खत्म हो जाएगा। किशोर ने यह भी दावा किया कि भाजपा को नीतीश कुमार के साथ फिर से गठबंधन करने के लिए "बड़ी कीमत" चुकानी पड़ सकती है, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि उनके दरवाजे उस नेता के लिए बंद हो गए हैं, जिन्होंने 18 महीने से भी कम समय पहले उन्हें छोड़ दिया था।
नीतीश मारेंगे पलटी?
किशोर ने राज्य के बेगुसराय जिले में संवाददाताओं से कहा- "नीतीश कुमार का पलटवार कोई आश्चर्य की बात नहीं है।वर्तमान में जो एलायंस मौजूद है, जिसमें नीतीश कुमार एनडीए का चेहरा हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है, वह (बिहार) विधानसभा चुनाव तक अस्तित्व में नहीं रहेगा। मैं आपको यह लिखित में दे सकता हूं।"
नीतीश पर क्यों भरोसा नहीं
दरअसल अपनी राजनीतिक कैरियर में नीतीश कुमार छह बार पलटी मार चुके हैं। किसी भी गठबंधन के साथ हाल के वर्षों में नीतीश ज्यादा महीनों तक टिके नहीं है। कभी बीजेपी के साथ तो कभी राजद के साथ। कभी चिराग पासवान को झिड़क दिया तो कभी जीतन राम मांझी की सरेआम विधानसभा में बेइज्जती कर दी। समय आया तो उसी के साथ गठबंधन करके सत्ता में भी रह लिए। नीतीश के इसी राजीनीति के कारण उनके फिर से पलटी मारने के दावे किए जाने लगे हैं।
