Operation Black Dollar: टाइम्स नाउ नवभारत के ऑपरेशन ब्लैक डॉलर में अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी के विदेशी चंदे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आप के विदेशी चंदे में कई गड़बड़झाले मिले हैं। इसमें यह खुलासा हुआ है कि आम आदमी पार्टी ने विदेशों से चंदा बटोरने में कैसे बड़े पैमाने पर घपला किया है। कैसे पार्टी के बड़े नेता विदेशी फंडिंग में मिले पैसों की बंदरबाट करने में लगे थे और कैसे विदेशों से मिले ब्लैक डॉलर को छुपाने के लिए आम आदमी पार्टी ने फर्जी जानकारियां पेश कीं। इन सबका खुलासा हुआ है।
10 प्वाइंट में समझिए गड़बड़झाले की पूरी कहानी
- इस ऑपरेशन की शुरूआत होती है कि सुखपाल सिंह खैरा से जो तब आम आदमी पार्टी के विधायक थे और अब कांग्रेस में हैं।
- पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी के मामले में खैरा जांच के घेरे में हैं और इसी सिलसिले में उनके ठिकानों की तलाशी ली गई। तलाशी में कुछ ऐसे दस्तावेज मिले, जिसमें फॉरेन फंडिंग की डिटेल्स थी।
- अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि ये फॉरेन फंडिंग आम आदमी पार्टी को की गई है और आप के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता को इसके बारे में पूरी जानकारी है।
- ईडी ने जब पंकज गुप्ता को बुलाया तो उन्होंने फॉरेन फंडिंग की बात कबूल कर ली। गुप्ता ने फंडिंग से जुड़े जो दस्तावेज ईडी को मुहैया कराए उसने ब्लैक डॉलर के खेल का पर्दाफाश कर दिया।
- हम आपको बताते हैं कि ये खेल चल कैसे रहा था। एफसीआरए कानून जिसके तहत फॉरेन फंडिंग ली जाती है उसके नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं कि कोई पॉलिटिकल पार्टी किसी विदेशी से फंडिंग नहीं ले सकती।
- लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस नियम की धज्जियां उड़ाते हुए कनाडा के 19 नागरिकों से 51 लाख 15 हजार 44 रूपये का चंदा लिया।
AAP की विदेशी फंडिंग को लेकर ई-मेल आईडी में भी फर्जीवाड़ा नजर आया। एक E-MAIL ID पर 35 लोगों के नाम दर्ज हैं।- AAP को क्रेडिट कार्ड के जरिए भी विदेश से मिला चंदा, एक ही कार्ड को 6 लोगों के नाम पर दिखाया गया।
- AAP को मिले विदेशी चंदे में एक ही पासपोर्ट नंबर पर कई लोगों के नाम दर्ज।
- एक ही मोबाइल नंबर से कई ट्रांजेक्शन। एक ही मोबाइल नंबर पर 8 लोगों के नाम दर्ज।
