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चंद्रयान-3 से भारत को क्या मिला? इसरो ने दुनिया को दिया बता

चंद्रयान-3 के बाद अब इसरो चंद्रयान-4 और 5 को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसके डिजाइन का काम भी पूरा हो गया है।

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चंद्रयान-3 से भारत को कितना फायदा हुआ (फोटो- ISRO)

KEY HIGHLIGHTS
  • चंद्रयान-3 का डाटा सार्वजनिक
  • शोधकर्ताओं को होगा फायदा
  • दुनिया भर के शोधकर्ता देख सकेंगे डाटा

अक्सर ये सवाल पूछा जाता रहा है कि चंद्रयान-3 मिशन से भारत को क्या मिला। इसरो जिस मिशन को लेकर पूरी दुनिया में इतिहास बना चुका है, उससे वास्तविकता में मिला क्या? इन सवालों के जवाब इसरो ने दे दिए हैं। इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन ने जुड़ी हर जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है, जिससे दुनिया भर के शोधकर्ता, इसका अध्ययन कर सकें। पिछले साल 23 अगस्त को चंद्रयान-3 मिशन के चंद्रमा के दक्षिणी क्षेत्र पर उतरने के साथ ही भारत ने इतिहास रच दिया था।

पहली वर्षगांठ पर जारी किया डाटा

मिली जानकारी के अनुसार इसरो ने भारत के चंद्रयान-3 मिशन की सफलता की पहली वर्षगांठ पर शुक्रवार को मिशन से संबंधित वैज्ञानिक डेटा को विश्लेषण के वास्ते दुनियाभर के अनुसंधानकर्ताओं के लिए सार्वजनिक कर दिया। एजेंसी ने विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर पर लगे पांच पेलोड से हासिल 55 गीगाबाइट (जीबी) से अधिक डेटा सार्वजनिक किया है।

कहां सार्वजनिक किया डाटा

इसरो के प्रमुख एस.एस. सोमनाथ ने यहां राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में कहा कि यह डेटा उन वैज्ञानिकों तक ही सीमित नहीं रहेगा जिन्होंने उन उपकरणों को बनाए थे, बल्कि इसे विश्लेषण के लिए देश और दुनिया के सभी शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। चंद्रयान-3 डेटा सेट भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान डेटा सेंटर (आईएसएसडीसी) की नीति-आधारित डेटा पुनर्प्राप्ति, विश्लेषण, प्रसार एवं अधिसूचना प्रणाली (प्रदान) पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

चंद्रयान 3 से क्या मिला

प्रज्ञान रोवर ने चंद्रमा की सतह का स्थलीय रासायनिक विश्लेषण किया, जिससे चंद्रमा की उत्पत्ति एवं विकास की बेहतर समझ हासिल हुई है। यह जानकारी भविष्य में चंद्रमा पर अन्वेषण और संभावित संसाधन के उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। अहमदाबाद की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 के डेटा का अध्ययन करने के बाद अनुमान लगाया है कि चंद्रमा मैग्मा के विशाल महासागर से विकसित हुआ जो बाद में ठंडा हो गया था।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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