Amit Shah on Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) पर लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'मैं अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगी द्वारा पेश किए गए विधेयक का समर्थन करता हूं। मैं दोपहर 12 बजे से चल रही चर्चा को ध्यान से सुन रहा हूं...मुझे लगता है कि कई सदस्यों के बीच कई गलतफहमियां हैं, चाहे वह वास्तविक हो या राजनीतिक। साथ ही, इस सदन के माध्यम से उन गलतफहमियों को पूरे देश में फैलाने की कोशिश की जा रही है...'
अमित शाह ने कहा कि 'विपक्ष को वोटबैंक चाहिए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है कि हम वोटबैंक के लिए कोई कानून नहीं लाएंगे। कानून न्याय के लिए होता है, लोगों के कल्याण के लिए होता है।'
'पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सभी पर अपार्टमेंट बन गए, काफी लूट खसोट हुई'
शाह ने कहा कि 'लालू यादव ने ही उस समय कहा था कि सरकार जो ये संशोधन विधेयक पेश किया है, सरकार की पहल का हम स्वागत करते हैं, शाहनवाज हुसैन और माननीय सदस्यों ने जो अपनी बातों को यहां रखा है मैं उसका समर्थन करता हूं। लेकिन ये देखिए कि सारी जमीनें हड़प ली गई हैं, चाहे सरकारी हो या गैर सरकारी। वक्फ बोर्ड में जो काम करने वाले लोग हैं उनके द्वारा सारी प्राइम लैंड को बेच दिया गया है। पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सभी पर अपार्टमेंट बन गए, काफी लूट खसोट हुई है। इसलिए मैं चाहता हूं कि भविष्य में आप कड़ा कानून लाइए और चोरी करने वाले लोगों को सलाखों के पीछे भेजिए। लालू जी की इच्छा तो इन्होंने (कांग्रेस) पूरी नहीं की, लेकिन मोदी जी ने पूरी कर दी।'
'ये पैसा देश के गरीब मुसलमानों का है,ये धन्नासेठों की चोरी के लिए नहीं है'
शाह ने कहा कि 2001-12 के बीच दो लाख करोड़ की वक्फ की संपत्ति निजी संस्थानों को सौ साल की लीज पर हस्तांतरित कर दी गई। बेंगलुरु में उच्च न्यायालय को बीच में पड़ना पड़ा और 602 एकड़ भूमि को जब्त करने से रोकना पड़ा। ये पैसा देश के गरीब मुसलमानों का है, ये धन्नासेठों की चोरी के लिए नहीं है।
'मुतवल्ली भी उनका होगा, वाकिफ भी उनका होगा, वक्फ भी उनका होगा'
अमित शाह ने कहा कि जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं तो मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि वक्फ मुस्लिम भाइयों की धार्मिक क्रिया-क्लाप और उनके बनाए हुए दान से ट्रस्ट है... उसमें सरकार कोई दखल नहीं देना चाहती है। मुतवल्ली भी उनका होगा, वाकिफ भी उनका होगा, वक्फ भी उनका होगा।
शाग ने कहा कि ये जो भ्रम खड़ा किया जा रहा है कि यह एक्ट मुस्लिम भाइयों के धार्मिक क्रियाकलापों के अंदर उनकी दान की हुई संपत्ति के अंदर दखल करने का है... ये बहुत बड़ी भ्रांति फैलाकर माइनोरिटी को डराकर अपनी वोटबैंक खड़ी करने के लिए किया जा रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह कहा कि 'दान अपनी संपत्ति का कर सकते हैं, सरकारी जमीन का नहीं, उन्होंने कहा कि वक्फ एक प्रकार का charitable enrollment है इसमें व्यक्ति पवित्र दान करता है दान उसी चीज का किया जा सकता है जो हमारा है, सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं कर सकता'
अमित शाह ने कहा, '..वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ। गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में सभी तर्क वक्फ में हस्तक्षेप के बारे में हैं। सबसे पहले, कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा। इसे स्पष्ट रूप से समझें... धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है; हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं...
'गलतफहमी अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है'
'यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा। यह गलतफहमी अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है।'
'वक्फ एक अरबी शब्द है। वक्फ का इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है'
शाह ने कहा कि वक्फ एक अरबी शब्द है। वक्फ का इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है और आज कल जिस अर्थ में वक्फ का प्रयोग किया जाता है, इसका अर्थ है अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान... पवित्र धार्मिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का दान। वक्फ का समकालीन अर्थ, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया। एक प्रकार से आज की भाषा में व्याख्या करें तो वक्फ एक प्रकार का charitable enrollment है। जहां एक व्यक्ति संपत्ति, भूमि धार्मिक और सामाजिक भलाई के लिए दान करता है, बिना उसको वापिस लेने के उद्देश्य से। इसमें जो दान देता है उसका बहुत महत्व है। दान उस चीज का ही किया जा सकता है जो हमारा है, सरकारी संपत्ति का दान मैं नहीं कर सकता, किसी और की संपत्ति का दान मैं नहीं कर सकता।
