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वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में प्रशासनिक हस्तक्षेप का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कल अहम सुनवाई

Banke Bihari Temple Vrindavan News: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में प्रशासनिक हस्तक्षेप व सरकारी अधिग्रहण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मंदिर के राजभोग सेवा अधिकारी देवेंद्र गोस्वामी ने बताया कि जस्टिस संदीप खन्ना व दीपांकर दत्ता की बेंच मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करेगी।

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बांके बिहारी मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

Photo : BCCL

Banke Bihari Temple Vrindavan News: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में प्रशासनिक हस्तक्षेप का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। मंदिर के एक सेवायत की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मंदिर का सरकारी अधिग्रहण व प्रशासनिक हस्तक्षेप रोकने की मांग की गई है। अब इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होनी है। मंदिर के राजभोग सेवा अधिकारी देवेंद्र गोस्वामी ने बताया कि जस्टिस संदीप खन्ना व दीपांकर दत्ता की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।

देवेंद्र गोस्वामी की ओर से बताया गया कि बांके बिहारी मंदिर के चढ़ावे एवं प्रबंधन में प्रशासन की ओर से किए जा रहे हस्तक्षेप को लेकर याचिका दायर की गई है। याचिका में उत्तर प्रदेश के धर्मार्थ मंत्रालय के प्रमुख सचिव, डीएम मथुरा, एसएसपी के साथ अनंत शर्मा व मनोज कुमार पांडेय को भी प्रतिवादी बनाया गया है।

कोर्ट ने कॉरिडोर को दी थी हरी झंडी

बता दें, बांके बिहारी मंदिर में लगातार बढ़ती भीड़ से होने वाली अव्यवस्थाओं को लेकर अनंत शर्मा की ओर से 2022 में एक याचिका दायर की गई थी। इस पर लंबी सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कॉरिडोर बनाने का रास्ता साफ करते हुए योजना को हरी झंडी दिखाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने सेवायत गोस्वामी समाज के अधिकारों से छेड़छोड़ न करने के भी निर्देश जारी किए थे। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा था कि मंदिर के खाते में जमा 262.50 करोड़ रुपये को न छुआ जाए और मंदिर प्रबंधन में भी हस्तक्षेप न हो। वहीं, मंदिर प्रबंधन को भी निर्देश दिया गया था कि किसी भी श्रद्धालु को दर्शन करने से प्रतिबंधित न किया जाए।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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