Gyanvapi Masjid में Mandir था? देखिए Times Now Navbharat पर Exclusive खुलासा

Gyanvapi Masjid Latest: ज्ञानवापी मस्जिद में मंदिर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। TIMES NOW नवभारत पर साल 1858 के दस्तावेज और फोटो है। तहखाने में जाने वाले कुलपति तिवारी बोले- परिसर में शिवलिंग और दूसरे देवताओं की मूर्तियां।

Was there a temple in Gyanvapi Masjid? Watch the exclusive disclosure on Times Now Navbharat
Gyanvapi Masjid में कई जगह हिंदू आकृतियां भी मौजूद 
मुख्य बातें
  • ज्ञानवापी मस्जिद में मंदिर के सबूत, स्वास्तिक और कमल के फूल मौजूद
  • कई जगह हिंदू आकृतियां भी मौजूद, कमल के फूल, कई हिन्दू प्रतीक चिन्ह
  • श्रृंगार गौरी मंदिर के आस पास मलवा, पूजा की जगह पर कई शिलाखंड

Gyanvapi Masjid News: काशी में ज्ञानवापी में मंदिर को लेकर TIMES NOW नवभारत पर हम बड़ा खुलासा करने जा रहे हैं। TIMES NOW नवभारत पर आज 165 साल पुराने दस्तावेज और सबसे सटीक गवाही आपको दिखाने जा रहे हैं। आज उस आदमी की गवाही होगी जो साल 1992 से पहले ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर गए थे। काशी के रहने वाले डॉ. कुलपति तिवारी ने TIMES NOW नवभारत को बताया कि 1992 से पहले जब वो ज्ञानवापी के अंदर गए थे तो वहां परिसर में बाबा विश्वनाथ का शिवलिंग दिखा। पिलर पर भगवानों के चित्र बने हुए दिखे और खंभों पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी के चित्र हैं।खंभों पर बौद्ध चक्र बने हैं। परिसर में ब्रह्मा, विष्णु और लक्ष्मी, पार्वती की मूर्तियां भी हैं।

रामदास खत्री का दावा

80 साल के बुजुर्ग ने TIMES NOW नवभारत पर बड़ा दावा किया है। वाराणसी के रामदास खत्री का दावा है कि  1950 में हम मंदिर के अंदर जाते थे जो चबूतरा तोड़ा वहां कथा सुनते थे और साल में दो बार कथा होती थी। उन्होंने कहा कि  छोटे लाल व्यास की और दूसरी सार्वजनिक कथा होती थी तथा मंदिर के अंदर कई दुकानें थी। कुंड के पास लोग बेरोक टोक जाते थे। उनके मुताबिक, 1950 में मिलिट्री का डेरा रहता था।

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कैमरामैन का दावा

शनिवार को ज्ञानवापी परिसर में लगातार दूसरे दिन का सर्वे होना था। सर्वे की टीम को मस्जिद के भीतर जाना था लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही वहां मुस्लिम पक्ष से बहुत बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और टीम के भीतर जाने का विरोध करने लगे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कोर्ट के आदेश का खुलेआम विरोध क्यों किया जा रहा है। क्या वास्तव में मस्जिद के भीतर कुछ ऐसे सबूत हैं जो ये साबित करते हैं यहां पर मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। स सवाल का जवाब कोर्ट तो तय करना है लेकिन जो एक दिन का सर्वे हुआ है इस दौरान कोर्ट कमिश्नर की टीम में वीडियो ग्राफी करने वाले कैमरामैन गणेश शर्मा थे। गणेश के दावे पर भरोसा करें तो ज्ञानवापी परिसर में मंदिर के पुख्ता सबूत मिले हैं। गणेश शर्मा के मुताबिक वीडियो ग्राफी के दौरान उन्होंने ज्ञानवापी परिसर की पश्चिमी हिस्से की दीवार पर स्वास्तिक और कमल के फूल देखे हैं। इसके अलावा मस्जिद की दीवार पर 2 जगहों पर स्वास्तिक के चिन्ह मौजूद हैं। 

दूसरी तरफ अचानक से मस्जिद परिसर की वीडियो ग्राफी के खिलाफ इस तरह से बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना और सीधे सीधे कोर्ट को चुनौती देना ये बता रहा है कि मुस्लिम पक्षकार नहीं चाहते हैं कि मामले का सच दुनिया के सामने आए। मामला कोर्ट में है लिहाजा हिन्दू पक्षकारों ने भी अब सोमवार को कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखेंगे. हिन्दू पक्ष के वकील इसे सीधे सीधे कोर्ट की अवमाना का मामला बता रहे हैं लेकिन मामला धर्म और आस्था से जुड़ा है इसलिए वो भी खुलकर अब कोर्ट में ही बोलेंगे।

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